DTO ऑफिस में शराब मिलने से मचा बवाल, अधिकारियों पर FIR की मांग

सरकारी दफ्तर में शराब बरामदगी से बढ़े सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

Rashmi Tiwari
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बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बक्सर जिला परिवहन कार्यालय यानी DTO ऑफिस में शराब बरामद होने के मामले ने प्रशासनिक गलियारों के साथ-साथ राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया है। इस मामले को लेकर बक्सर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अवैध गतिविधियां अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रही हैं।


पूर्व विधायक ने अपने पत्र में कहा कि 14 मई 2026 को DTO कार्यालय में शराब बरामदगी की खबर विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित हुई थी। उन्होंने इसे बिहार में लागू शराबबंदी कानून की खुली अवहेलना बताते हुए कहा कि जब सरकारी दफ्तरों में ही शराब मिल रही है, तो इससे राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हो रही है।मुन्ना तिवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिला परिवहन पदाधिकारी और मामले से जुड़े कर्मियों के खिलाफ तत्काल नामजद प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती जिलों में शराब तस्करी और अवैध गतिविधियां अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रही हैं।

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DTO कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में शामिल करने की मांग
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए DTO कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में शामिल करने की मांग भी की है। पूर्व विधायक का कहना है कि एफआईआर की प्रति मांगने पर भी संबंधित अधिकारियों द्वारा आनाकानी की जा रही है, जिससे पूरे मामले में लीपापोती की आशंका और गहरा गई है।
कुछ कर्तव्यहीन अधिकारी नई सरकार की छवि खराब करने में लगे हुए हैं
पत्र में मुन्ना तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में कुछ कर्तव्यहीन अधिकारी नई सरकार की छवि खराब करने में लगे हुए हैं। वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा सख्त और निष्पक्ष प्रशासन के पक्षधर रहे हैं। ऐसे में इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई जरूरी है। बता दें कि बिहार में शराबबंदी पहले से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रही है। ऐसे में सरकारी कार्यालय में शराब मिलने की घटना विपक्ष और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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