छठियार की खुशियां मातम में बदलीं: खौलते पानी में झुलसी 5 वर्षीय प्रीति ने GMCH बेतिया में तोड़ा दम, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Shreya Raj
खौलते पानी से झुलसी पांच वर्षीय प्रीति की मौत के बाद गम में डूबा परिवार।

NEWS PR डेस्क: बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में छठियार समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब खेलते समय खौलते पानी में गिरकर गंभीर रूप से झुलसी पांच वर्षीय बच्ची प्रीति कुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृत बच्ची चारागाहा मिश्र टोला, वार्ड नंबर-40 निवासी हरेन्द्र पासवान की पुत्री थी। प्रीति की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जीएमसीएच बेतिया परिसर में जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

भतीजे के जन्म पर घर में मनाया जा रहा था छठियार

परिजनों के अनुसार, हरेन्द्र पासवान के भतीजे के जन्म के बाद घर में छठियार का आयोजन किया गया था। इसी दौरान घर में खुशियों का माहौल था और प्रीति खेल रही थी।

बताया गया कि खेलते-खेलते पांच वर्षीय प्रीति अचानक खौलते पानी में गिर गई। इस हादसे में उसका शरीर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत बच्ची को इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया।

शनिवार, 29 अगस्त को इलाज के दौरान हुई मौत

गंभीर रूप से झुलसी प्रीति कुमारी का जीएमसीएच बेतिया में इलाज चल रहा था हालांकि, इलाज के दौरान शनिवार, 29 अगस्त को बच्ची ने दम तोड़ दिया।

पांच वर्षीय बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ समय पहले छठियार समारोह को लेकर खुशी का माहौल था, वहां बच्ची की मौत के बाद मातम छा गया।

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

प्रीति की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को उचित चिकित्सकीय निगरानी नहीं मिल रही थी और उसके इलाज की जिम्मेदारी मुख्य रूप से नर्सिंग स्टाफ के भरोसे छोड़ दी गई थी।

परिजनों ने बच्ची को ऑक्सीजन लगाने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद उसके इलाज और देखभाल में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।

कभी पांचवीं मंजिल तो कभी दूसरे वार्ड में भेजने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, प्रीति की हालत बेहद गंभीर थी, लेकिन उन्हें बच्ची को अस्पताल की अलग-अलग जगहों पर ले जाने के लिए कहा गया। आरोप है कि कभी बच्ची को पांचवीं मंजिल, कभी दूसरी मंजिल और कभी किसी दूसरे वार्ड में ले जाने के लिए कहा गया।

परिजनों का कहना है कि इस दौरान बच्ची को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में समय लगा, जिससे इलाज में देरी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर स्थिति में बेहतर और समय पर चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं मिलने के कारण बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती गई।

बच्ची की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा

पांच वर्षीय प्रीति कुमारी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने जीएमसीएच बेतिया परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजन बच्ची के इलाज में हुई कथित लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांग रहे थे।

स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

फिलहाल, बच्ची की मौत और परिजनों द्वारा लगाए गए इलाज में लापरवाही के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है। परिवार की खुशियों के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर : मोहम्मद इम्तियाज

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