NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 03 जून। जिले में संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बेनीपट्टी प्रखंड के महमदपुर स्थित डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी रिस्पांस कम फैसिलिटी सेंटर का निरीक्षण कर आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों और उपकरणों की कार्यशीलता का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में उपयोग होने वाली नाव, आउटबोर्ड मोटर (ओबीएम), लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय, रस्सी, सर्च एवं रेस्क्यू उपकरण सहित अन्य आवश्यक संसाधनों का निरीक्षण किया।
डीएम ने एसडीआरएफ टीम कमांडर को निर्देश दिया कि सभी नावों और ओबीएम की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए तथा उन्हें पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखा जाए, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। साथ ही उपकरणों के रखरखाव और समय-समय पर परीक्षण कराने पर भी जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदाओं में शुरुआती प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में संसाधनों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रजनीश कुमार को आपदा मित्रों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित आपदा मित्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आपदा मित्रों को डूबने की घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित तैराकी, वज्रपात से बचाव, बाढ़ पूर्व तैयारी, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार तथा आपदा के दौरान सामुदायिक सहयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही उन्हें पंचायतों, विद्यालयों और सामुदायिक स्थलों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी तैयार किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं और संवेदनशील वर्गों को आपदा संबंधी खतरों के प्रति जागरूक करने पर बल देते हुए कहा कि सामुदायिक सहभागिता और जन-जागरूकता के माध्यम से आपदा से होने वाली जन-धन की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रजनीश कुमार ने इस दौरान जिलाधिकारी को बाढ़ पूर्व तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों और विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए।