दानापुर के 5,877 घरों में पहुंचेगा शुद्ध पानी, अमृत 2.0 के तहत 93.56 करोड़ की योजना

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : दानापुर शहर और आसपास के आवासीय इलाकों के लोगों के लिए पेयजल को लेकर बड़ी राहत की खबर है। अमृत 2.0 योजना के तहत 93.56 करोड़ रुपये की दानापुर जलापूर्ति योजना को मंजूरी मिल गई है। योजना पूरी होने के बाद 5,877 से अधिक घरों तक नल के जरिए शुद्ध और नियमित पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) को दी गई है। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। योजना को पूरा करने के लिए एक साल की समय-सीमा तय की गई है।

63 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछेगी
जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दानापुर में करीब 63 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसमें राइजिंग मेन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क शामिल होगा। नई पाइपलाइन के जरिए दानापुर के घने इलाकों के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे नए आवासीय क्षेत्रों को भी जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। जिन इलाकों में फिलहाल पाइपलाइन की सुविधा नहीं है, वहां भी घरों तक नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
2,526 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक बनेंगे
पानी का भंडारण और सभी इलाकों में समान दबाव के साथ आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2,526 किलोलीटर क्षमता के ऊंचे जल भंडार गृह (ओवरहेड टैंक) बनाए जाएंगे। इन टैंकों की मदद से पानी को पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति नेटवर्क के अंतिम छोर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
पुराने पंपिंग स्टेशन और जल निकाय होंगे दुरुस्त
योजना सिर्फ नई पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत पुराने पंपिंग स्टेशनों और जल निकायों के जीर्णोद्धार का काम भी किया जाएगा। इसके अलावा पानी की गुणवत्ता बेहतर रखने के लिए आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रणाली को भी परियोजना में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को फिल्टर और साफ पानी उपलब्ध कराना है।
हर व्यक्ति को रोज 135 लीटर पानी का लक्ष्य
योजना में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी उपलब्ध कराने का मानक रखा गया है। घर-घर नल कनेक्शन दिए जाएंगे, जिससे लोगों की हैंडपंप और भूजल पर निर्भरता कम होगी। नियमित और साफ पानी की आपूर्ति होने से दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मदद मिलेगी।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए लगेंगे मीटर और कंट्रोल वाल्व
निर्माण के दौरान जल मीटर और कंट्रोल वाल्व भी लगाए जाएंगे। जल मीटर के जरिए पानी की खपत पर नजर रखी जा सकेगी, जबकि कंट्रोल वाल्व से जरूरत के मुताबिक पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया जाएगा। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ जलापूर्ति नेटवर्क में समान दबाव बनाए रखने और सभी घरों तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
एक साल में पूरा होगा काम, पांच साल तक रखरखाव
परियोजना को पूरा करने के लिए एक साल की समय-सीमा तय की गई है। निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसी पांच साल तक योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी। अमृत 2.0 के तहत यह परियोजना दानापुर की पेयजल व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योजना पूरी होने के बाद शहर और आसपास के इलाकों में लोगों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Share This Article