NEWS PR डेस्क: पटना, 14 जून। बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा को लेकर रविवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए स्टेशन पर जुट गए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होनी थी, जिसके कारण कई अभ्यर्थी देर रात से ही स्टेशन पहुंचने लगे थे। ट्रेन व्यवस्था को लेकर नाराज अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा।
जानकारी के अनुसार, पाटलिपुत्र से कटिहार के लिए चलाई गई एग्जाम स्पेशल ट्रेन में चढ़ने को लेकर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसी दौरान कुछ लोगों ने ट्रेन के आगे बैठकर धरना शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्टेशन परिसर में हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान ट्रेन परिचालन भी प्रभावित रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने ट्रेन और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भी कैंप करना पड़ा।

घटना के दौरान पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा को हल्की चोट लगने की सूचना है। वहीं रूपसपुर थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब पथराव और उपद्रव बढ़ गया तो पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठीचार्ज करने और तीन राउंड हवाई फायरिंग करने की कार्रवाई करनी पड़ी।
घटना के बाद पुलिस और रेलवे प्रशासन ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।
आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि छात्रों की आड़ में करीब 200 से 250 असामाजिक तत्व ट्रेन परिचालन बाधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस द्वारा लगातार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उपद्रवी नहीं माने और करीब दो घंटे तक पथराव एवं हंगामा करते रहे। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
वहीं रेल एसपी अशोक कुमार ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर सीमांचल एक्सप्रेस, मधुबनी स्पेशल और परीक्षार्थियों के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, 300-400 युवक स्टेशन पहुंचे और ट्रैक पर बैठकर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन की मांग करने लगे। प्रशासन द्वारा एक घंटे के भीतर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन की घोषणा भी कर दी गई थी और अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया गया था कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच जाएंगे, लेकिन कुछ लोग व्यवस्था बिगाड़ने पर आमादा थे।
रेलवे और पुलिस प्रशासन का कहना है कि अधिकांश परीक्षार्थी ट्रेनों में सवार होकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए थे, जबकि सीमित संख्या में मौजूद उपद्रवी तत्वों ने पूरे माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फोटो और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर रेलवे एक्ट तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
