NEWS PR डेस्क: पूर्णिया। महिलाओं के सम्मान, बेटियों की उपलब्धियों और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मुखर आवाज उठाते हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने समाज से सोच बदलने की अपील की। दरोगा बहाली में चयनित छात्राओं के सम्मान समारोह में पहुंचे सांसद ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं, ऐसे में महिलाओं को बराबरी का सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।

मातृत्व और महिला सम्मान की परंपरा का किया जिक्र
अपने संबोधन में पप्पू यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं और मातृत्व को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में कई व्यक्तियों की पहचान उनकी मां के नाम से होती थी, जो उस समय महिलाओं के सम्मान और सामाजिक महत्व को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि समय के साथ महिलाओं की स्वतंत्र पहचान कमजोर होती गई और समाज ने उन्हें सीमित दायरे में बांधने का प्रयास किया, जबकि आज आवश्यकता है कि उन्हें समान अवसर और सम्मान मिले।

बेटियां बदल रही हैं समाज की तस्वीर
सांसद ने कहा कि आज की बेटियां शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियां अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और समाज की पुरानी सोच को बदल रही हैं।
दहेज और सामाजिक कुरीतियों पर कड़ा प्रहार
अपने संबोधन में उन्होंने दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति भेदभाव और अन्य सामाजिक बुराइयों की आलोचना करते हुए कहा कि इन कुरीतियों को समाप्त किए बिना समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि ऐसे सभी सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करना जरूरी है।
दहेज प्रथा पर दिया बड़ा संदेश
तिलक-दहेज के मुद्दे पर पप्पू यादव ने कहा कि जब बेटियां पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार तथा समाज का नाम रोशन कर रही हैं, तो दहेज जैसी कुप्रथा का कोई औचित्य नहीं बचता।उन्होंने कहा कि समाज को इस दिशा में गंभीरता से सोचने की जरूरत है और दहेज लेने-देने की मानसिकता को खत्म करना होगा। अपने चुटीले अंदाज में उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़के का पिता छिपकर भी दहेज लेता है, तो लड़की वालों को उसका विरोध करना चाहिए।
छात्राओं का किया सम्मान
कार्यक्रम में दरोगा बहाली में चयनित छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं, युवा और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सांसद के विचारों को उपस्थित लोगों ने सराहा और महिलाओं के सम्मान तथा सामाजिक सुधार की दिशा में सकारात्मक पहल की आवश्यकता पर बल दिया।
