NEWS PR डेस्क: नरकटियागंज: अनुमंडल अस्पताल से महज 50 कदम की दूरी पर संचालित एक कथित अवैध निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्लीनिक में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

दलालों के बहकावे में निजी क्लीनिक पहुंचने का आरोप
जानकारी के अनुसार, प्रसूता खुशबू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सबसे पहले अनुमंडल अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के आसपास सक्रिय दलालों ने उन्हें बहला-फुसलाकर वर्मा चौक स्थित बिना नाम के संचालित एक निजी क्लीनिक में भर्ती करा दिया। आरोप है कि प्रसव के दौरान कथित लापरवाही के कारण नवजात की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, संचालक फरार
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लीनिक पहुंची, लेकिन क्लीनिक का कथित संचालक छोटेलाल प्रसाद मौके से फरार मिला। स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रसूता को तत्काल अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध क्लीनिक को सील कर दिया। टीम ने क्लीनिक से तीन कार्टन दवाएं भी जब्त की हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झोलाछाप डॉक्टरों और दलालों के नेटवर्क पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अनुमंडल अस्पताल के आसपास सक्रिय कथित झोलाछाप डॉक्टरों और दलालों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल के आसपास लंबे समय से ऐसे अवैध क्लीनिक और बिचौलियों की गतिविधियां चल रही हैं, जिन पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
