भागलपुर के रंगरा में डिग्री कॉलेज विवाद, स्थान बदलने के फैसले पर ग्रामीणों का विरोध

Rashmi Tiwari

NEWS PR DESK:बिहार सरकार की डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना के तहत भागलपुर के रंगरा प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया है। कॉलेज के स्थान में बदलाव के फैसले के विरोध में छात्र, युवा और ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग के नए निर्णय से हजारों विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी।

जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक योजना के तहत रंगरा प्रखंड मुख्यालय स्थित तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में डिग्री कॉलेज की स्थापना की घोषणा की गई थी। प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति के साथ नामांकन प्रक्रिया की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन बाद में शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर कॉलेज का संचालन संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय, तिनटंगा में करने का निर्णय लिया, जिसके बाद विरोध तेज हो गया।
वहां कॉलेज का संचालन आसानी से किया जा सकता है
अनशन पर बैठे छात्रों और ग्रामीणों का कहना है कि संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय पहले से ही मॉडल स्कूल के रूप में अधिसूचित है। ऐसे में उसी परिसर में डिग्री कॉलेज स्थापित करना उचित नहीं है। उनका दावा है कि तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में पर्याप्त भवन, कक्षाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे वहां कॉलेज का संचालन आसानी से किया जा सकता है।
आवागमन की समस्या प्रमुख मुद्दा
आंदोलनकारियों ने आवागमन की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना है कि तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और लगभग सभी पंचायतों के विद्यार्थियों के लिए आसानी से पहुंच योग्य है। यहां सड़क, रेल और बस जैसी परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं पैदल भी कॉलेज पहुंच सकते हैं।
विद्यार्थियों को 16 से 17 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी
इसके विपरीत, संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से लगभग 12 से 14 किलोमीटर दूर दियारा क्षेत्र में स्थित है। कई पंचायतों के विद्यार्थियों को 16 से 17 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गंगा कटाव प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बरसात और बाढ़ के दौरान आवागमन बाधित रहता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।

फिलहाल आंदोलनकारी शिक्षा विभाग से डिग्री कॉलेज को पूर्व निर्धारित स्थान तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में ही संचालित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भी नजर बनी हुई है।भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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