NEWS PR डेस्क: जहानाबाद, 21 मार्च: दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम करीब छह वर्षों के बाद पहली बार अपने घर लौटे हैं। अदालत से 11 दिनों की पैरोल मिलने के बाद वे 20 मार्च की देर रात अपने पैतृक गांव काको पहुंचे, जहां उनका परिवार और ग्रामीणों ने भावुक स्वागत किया।
UAPA के तहत वर्ष 2020 से जेल में बंद शरजील को उनके भाई मुज़्जमिल इमाम की शादी में शामिल होने के लिए 30 मार्च तक की पैरोल दी गई है। लंबे समय बाद घर वापसी और उसी दौरान ईद का त्योहार होने से परिवार में खुशी का माहौल दोगुना हो गया है।
हालांकि, गांव पहुंचने के बाद शरजील इमाम ने मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखी और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस दौरान उनके भाई मुज़्जमिल ने कहा कि परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मामले में अंतिम फैसला अदालत ही करेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी शरजील का बैकग्राउंड चर्चा में रहा है, वे IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग कर चुके हैं। उनके पिता अशरफ इमाम भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और जेडीयू के टिकट पर जहानाबाद विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
करीब छह साल बाद घर लौटने की इस छोटी-सी अवधि ने पूरे गांव के माहौल को बदल दिया है। ईद और शादी की तैयारियों के बीच काको गांव में रौनक लौट आई है, जबकि सबकी निगाहें अब आगे आने वाले अदालत के फैसले पर टिकी हैं।
शरजील इमाम का नाम 2020 में दिल्ली दंगे के दौरान सामने आया था। उन पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के दौरान भड़काऊ भाषण देने और हिंसा भड़काने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल में रखा गया।