NEWS PR डेस्क:सुपौल – त्रिवेणीगंज के चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को सुपौल जिला मुख्यालय में कुम्हार समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन की अनुमति नहीं होने और जिले में मंत्रियों के कार्यक्रम के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन का समापन डीएम और एसपी के आश्वासन के बाद हुआ।

कलेक्ट्रेट बना पुलिस छावनी
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए सुबह से ही जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। लोहिया चौक से कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी। कलेक्ट्रेट गेट, लोहिया नगर चौक समेत कई प्रमुख स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई। इसके अलावा त्रिवेणीगंज सहित अन्य थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया था।
पुलिस से हुई नोकझोंक, सड़क जाम कर दिया धरना
दोपहर करीब एक बजे व्यापार संघ भवन के समीप बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट की ओर मार्च शुरू किया। लोहिया नगर चौक पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस हुई।
बाद में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट पहुंचकर सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने रौशन पंडित हत्याकांड के सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
डीएम-एसपी से वार्ता के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पीड़ित परिवार के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को डीएम और एसपी से मिलने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल में रौशन पंडित की पत्नी और दोनों पुत्र भी शामिल थे। परिवार ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग रखी। अधिकारियों ने कानून के दायरे में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और कलेक्ट्रेट के आसपास यातायात सामान्य हो गया।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट