NEWS PR डेस्क : सुपौल : नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल उच्च माध्यमिक विद्यालय में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कोसी क्षेत्र के डीआईजी कुमार आशीष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सुपौल के एसपी सरथ आर.एस. और साइबर थाना के एसडीपीओ गौरव गुप्ता भी मौजूद रहे। विद्यालय पहुंचने पर एनसीसी और विद्यालय के कैडेट्स ने डीआईजी कुमार आशीष को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।
युवाओं को नशे से दूर रहना जरूरी: डीआईजी कुमार आशीष
कार्यक्रम के दौरान डीआईजी कुमार आशीष ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो समाज और देश दोनों मजबूत होंगे।
डीआईजी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार और उसके भविष्य को भी बर्बाद कर सकता है। कई बार जिज्ञासा, गलत संगत या दोस्तों के दबाव में नशे की शुरुआत होती है और धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले लेती है इसलिए विद्यार्थियों को शुरुआत से ही नशे और इससे जुड़ी गलत गतिविधियों से दूर रहना चाहिए।

नशा युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को खत्म करता है: एसपी सरथ आर.एस.
सुपौल के एसपी सरथ आर.एस. ने कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा, क्षमता और ऊर्जा को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। उन्होंने बताया कि पुलिस नशा तस्करी और इससे जुड़े अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
एसपी ने कहा कि केवल पुलिस की कार्रवाई से ही नशा मुक्ति अभियान को पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए समाज, अभिभावकों और विद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अच्छी संगति अपनाने और किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की।
साइबर अपराध से बचाव की भी दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान साइबर थाना के एसडीपीओ गौरव गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के बारे में जागरूक किया। उन्होंने छात्रों को फर्जी लिंक, ओटीपी शेयर करने, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया पर अजनबियों से बातचीत या संपर्क करने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में जागरूक रहना बेहद जरूरी है और थोड़ी सी लापरवाही भी ऑनलाइन ठगी का कारण बन सकती है।
शिक्षा के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर जोर
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
छात्रों ने लिया नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प लिया। छात्रों ने यह भी शपथ ली कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने की भावना को भी मजबूत किया।
सुपौल से रिपोर्टर : अल्ताफ राजा