NEWS PR डेस्क : गया : रामपुर थाना क्षेत्र में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की पार्टनरशिप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कंपनी की महिला डायरेक्टर नगमा ने अपने बिजनेस पार्टनर और मौर्या हाइट्स के डायरेक्टर इकबाल हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। नगमा ने करीब 65 लाख रुपये निवेश करने के बावजूद रकम लौटाने से इनकार, कंपनी में अपनी हिस्सेदारी से वंचित करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने 11 अगस्त को रामपुर थाने में FIR दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
2014 में शुरू हुई थी पार्टनरशिप
नगमा के मुताबिक, वर्ष 2014 में इकबाल हुसैन के साथ उनकी पार्टनरशिप शुरू हुई थी। उनका दावा है कि कंपनी में उनकी 33.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने बताया कि कारोबार में निवेश करने के लिए उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों से पैसे जुटाए और करीब 65 लाख रुपये कंपनी के कारोबार में लगाए।
नगमा ने अपने आरोपों के समर्थन में 2020 का एग्रीमेंट, MOU, कंपनी से जुड़े दस्तावेज, वाट्सऐप चैट और वॉइस मैसेज को साक्ष्य के तौर पर पेश करने की बात कही है। उनका आरोप है कि वर्ष 2022 के एक वॉइस मैसेज में उनके साथ 2.82 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर बातचीत हुई थी।
महिला डायरेक्टर का क्या है आरोप?
नगमा का आरोप है कि कंपनी में निवेश और हिस्सेदारी से जुड़े दस्तावेज होने के बावजूद उनके बिजनेस पार्टनर ने बाद में रकम लौटाने और कंपनी में उनकी हिस्सेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें धमकी भी दी गई। इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

इकबाल हुसैन ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, इकबाल हुसैन ने नगमा के सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि नगमा ने कंपनी में कोई बड़ी रकम निवेश नहीं की थी। इसके उलट, उनके और उनके परिवार की ओर से नगमा से कई बार कर्ज लिए जाने का दावा इकबाल हुसैन ने किया है।
इकबाल हुसैन ने अपने पक्ष में हस्ताक्षरित दस्तावेज और गवाहों का हवाला देते हुए मामले में फॉरेंसिक जांच की मांग की है। उन्होंने 10 अगस्त की घटना से जुड़े आरोपों को भी खारिज किया है। उनका कहना है कि कार्यालय में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित है, जिससे घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक ओर नगमा ने 65 लाख रुपये निवेश करने और 2.82 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़े दावे किए हैं, तो दूसरी ओर इकबाल हुसैन ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
गया से रिपोर्टर : आशीष कुमार