NEWS PR डेस्क : पूर्णिया, जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में गुरुवार को स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानव सेवा के उद्देश्य से रक्तदान एवं निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। लायंस नेत्रालय, फारबिसगंज, लायंस क्लब ऑफ फारबिसगंज एवं लायंस ब्लड बैंक के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस शिविर में विद्यालय के कक्षा छह से नौ तक के विद्यार्थियों की नेत्र जांच की गई। वहीं, रक्तदान शिविर में अभिभावकों सहित विद्यालय के शिक्षक, प्रशासनिक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कुल ३० लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता एवं सामाजिक सेवा का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के उप-प्राचार्य राज कुमार दास ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक त्रिबेणी प्रसाद पांडेय ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल, निदेशक प्राचार्या सुश्री पुलोमा नंदी एवं लायंस नेत्रालय, फारबिसगंज के निदेशक डॉ. शंभू सिंह सहित चिकित्सा दल, अभिभावक एवं विद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों की हुई निःशुल्क नेत्र जांच
‘साइट फॉर किड्स’ पहल के अंतर्गत आयोजित नेत्र जांच शिविर में कक्षा छह से नौ तक के विद्यार्थियों की आंखों की जांच की गई। इसका उद्देश्य बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान करना तथा उन्हें नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। जांच के दौरान जिन विद्यार्थियों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई, उन्हें उचित नंबर के लेंस वाले चश्मे निःशुल्क प्रदान किए गए।
नेत्र जांच दल में ऑप्टोमेट्रिस्ट रूपांतर यादव, विजय चौधरी एवं श्रुति चौधरी ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनके साथ आंकड़ा संकलन के लिए मंटू कुमार, दिवांश कुमार एवं नेहा कुमारी तथा वाहन चालक अमन कुमार ने भी शिविर के सफल संचालन में सहयोग किया।
३० लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
रक्तदान शिविर में अभिभावकों, शिक्षकगण, प्रशासनिक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों सहित कुल ३० लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। रक्त संग्रह एवं चिकित्सा संबंधी सेवाओं के लिए बीएमएलटी राघव मिश्रा, मो. नैयर एवं रईस अंसारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी रक्तदाताओं को लायंस क्लब की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान कर उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल का वक्तव्य
विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल ने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सेवा भाव का विकास करना भी है। रक्तदान एवं नेत्र जांच जैसे कार्यक्रम समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। अभिभावकों एवं विद्यालय के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।”
निदेशक प्राचार्या पुलोमा नंदी का वक्तव्य
विद्यालय की निदेशक प्राचार्या पुलोमा नंदी ने कहा, “विद्यार्थियों का स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। दृष्टि संबंधी समस्याएं बच्चों की पढ़ाई एवं दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए नियमित नेत्र जांच आवश्यक है। जरूरतमंद विद्यार्थियों को उचित नंबर के चश्मे निःशुल्क उपलब्ध कराना इस शिविर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मैं लायंस नेत्रालय, लायंस क्लब, लायंस ब्लड बैंक, चिकित्सा दल, अभिभावकों एवं विद्यालय के सभी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।”
डॉ. शंभू सिंह ने बताया नेत्र स्वास्थ्य का महत्व
लायंस नेत्रालय, फारबिसगंज के निदेशक डॉ. शंभू सिंह ने कहा, “स्कूली विद्यार्थियों में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान करना अत्यंत आवश्यक है। नियमित नेत्र जांच से बच्चों को उचित समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण एवं समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
सम्मान समारोह एवं आयोजन की सफलता
कार्यक्रम के समापन अवसर पर निदेशक प्राचार्या पुलोमा नंदी द्वारा चिकित्सा दल एवं सहयोगी सदस्यों को सम्मानित किया गया। वहीं, लायंस क्लब की ओर से सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
शिविर को सफल बनाने में विद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी राहुल शांडिल्य, अध्यक्ष के निजी सहायक सह मानव संसाधन प्रमुख प्रीति अग्रवाल, प्रशासनिक कर्मचारी सुमी द्विवेदी एवं अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने आपसी समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया तथा चिकित्सा दल, अभिभावकों एवं रक्तदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया।
यह आयोजन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संरक्षण, रक्तदान के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।