NEWS PR डेस्क :पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा किसानों को निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि वानिकी योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से किसान अपनी कृषि भूमि पर फसलों के साथ अथवा खेत की मेड़ों पर वृक्षारोपण कर अतिरिक्त आय अर्जित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं राज्य में हरित आवरण बढाने में योगदान दे सकते हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
योजना के अंतर्गत इच्छुक किसानों को प्रति पौधा ₹10 की सुरक्षित राशि जमा करनी होगी। यह राशि संबंधित वन प्रमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में, निर्धारित शर्तों के अनुसार नकद अथवा Fixed Deposit / NSC के माध्यम से जमा की जा सकती है।
योजना के अंतर्गत वृक्षारोपण के बाद पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित किसान की होगी। रोपित पौधों के तीन वर्ष बाद 50 प्रतिशत या उससे अधिक जीवित रहने की स्थिति में ₹60 प्रति जीवित पौधा प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने के साथ-साथ जमा की गई ₹10 प्रति पौधा सुरक्षित राशि भी वापस किए जाने का प्रावधान है।
किसानों एवं पर्यावरण को होगा लाभ
इस योजना से किसानों को कृषि के साथ वृक्षारोपण के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, वृक्षारोपण से हरित आवरण में वृद्धि, स्वच्छ वायु, तापमान संतुलन तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी।
आवेदन प्रक्रिया एवं संपर्क
योजना में शामिल होने के इच्छुक किसान निर्धारित आवेदन-पत्र भरकर संबंधित वन प्रमंडल अथवा वन प्रक्षेत्र कार्यालय में जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रति पौधा ₹10 की सुरक्षित राशि जमा करना आवश्यक होगा।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवेदन पत्र के लिए किसान संबंधित वन प्रमंडल/वन प्रक्षेत्र कार्यालय से संपर्क कर सकते है। इसके अतिरिक्त, कार्यालय अवधि में दूरभाष संख्या 0612-2226911 पर संपर्क किया जा सकता है अथवा [email protected] पर ई-मेल भेजा जा सकता है।
किसानों से अपील है कि वे कृषि वानिकी अपनाकर अपनी आय बढ़ाने तथा बिहार को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहभागी बनें।