NEWS PR डेस्क :बिहार में रिशु श्री से जुड़े कथित टेंडर घोटाले की जांच अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन के बाद IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार बुधवार को पटना स्थित एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। यहां उनसे सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं, संदिग्ध लेन-देन और रिशु श्री से जुड़े संपर्कों को लेकर सवाल किए जाने हैं।
इस मामले में ED अब तक बिहार के छह IAS अधिकारियों को समन भेज चुकी है। इससे पहले सोमवार को IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को IAS सुनील यादव से पूछताछ हुई थी। सुनील यादव से करीब साढ़े सात घंटे तक सवाल-जवाब किए गए। वहीं, योगेश कुमार सागर ने पूछताछ के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा था।
ED ने आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी ठेकों के आवंटन में कथित गड़बड़ियां कैसे हुईं और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
इस मामले ने तब और ध्यान खींचा, जब रिशु श्री की जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे। 15 अक्टूबर को अदालत ने कथित तौर पर छोटे स्तर के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और बड़े अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल किए थे।
जांच के मुताबिक, रिशु श्री पर आरोप है कि वह अधिकारियों से संपर्क के जरिए टेंडर की शर्तों की जानकारी पहले हासिल करता था और कथित तौर पर अपनी पसंद के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश करता था। इसके बदले कमीशन और अधिकारियों को अनुचित लाभ दिए जाने की आशंका की भी जांच हो रही है।
मामले में अधिकारियों की पोस्टिंग और विदेश यात्राओं से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में हैं। रिपोर्टों में IAS योगेश कुमार सागर के परिवार की विदेश यात्रा का खर्च उठाने और IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा के परिवार की यात्रा पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए जाने के आरोपों का जिक्र है। इन दावों की जांच एजेंसी पड़ताल कर रही है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी मामले में अहम है। जांच में 265.73 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख भी सामने आया है। ED कथित भ्रष्टाचार, संपत्ति और सरकारी ठेकों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।