भोजपुर जिले के गीधा थाना क्षेत्र में सोमवार रात झोपड़ी में अचानक लगी आग से 75 वर्षीय दूधनाथ पासवान की मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे दूधनाथ को पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार देर शाम इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हादसे में उनकी झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जबकि एक गर्भवती गाय और बारह बकरियों की भी जलकर मौत हो गई।
आग कैसे लगी, क्या हुआ हादसे में?
मृतक के पोते सुनील के अनुसार, दूधनाथ पासवान रात में भोजन करने के बाद झोपड़ी में सो रहे थे। आधी रात को अचानक झोपड़ी में आग लग गई।
जब उनकी नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि बकरियां जल रही हैं। उन्होंने तुरंत अपनी गर्भवती गाय को बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान जलती हुई झोपड़ी का एक बड़ा हिस्सा उन पर गिर गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। किसी तरह वे खुद को बाहर निकालने में सफल रहे।इलाज के दौरान मौत- परिजनों ने उन्हें पहले कोईलवर सीएचसी पहुंचाया, फिर आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां से गंभीर स्थिति में उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां मंगलवार देर शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव को आरा सदर अस्पताल ले आए, जहां पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया।मवेशियों की भी हुई मौतइस आगजनी में दूधनाथ पासवान की झोपड़ी के साथ उनकी एक गर्भवती गाय और बारह बकरियां भी जलकर मर गईं।मुआवजे की मांगयुवा राजद के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार ने प्रशासन से मांग की कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और राशन की व्यवस्था की जाए ताकि परिवार का भरण-पोषण ठीक से हो सके।
परिवार में मचा कोहराम- दूधनाथ पासवान के परिवार में उनकी पत्नी श्याम परिता देवी, दो पुत्र सुबोध पासवान और अजीत पासवान, साथ ही दो पुत्रियां बेबी देवी और छोटी देवी हैं। इस हादसे के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।