बिहार में बाढ़ का कहर: गंगा-कोसी का जलस्तर खतरनाक स्तर से ऊपर

Jyoti Sinha
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पटना, 1 सितम्बर-
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से नवगछिया अनुमंडल से लेकर भागलपुर और कहलगांव तक हालात भयावह हो गए हैं। कई इलाकों में तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और लोग तीसरी बार फिर अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

गंगा का जलस्तर खतरनाक
भागलपुर में गंगा नदी का स्तर 33.74 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 6 सेंटीमीटर ऊपर है। सुल्तानगंज में यह 35.76 मीटर दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर से 1.26 मीटर अधिक है। वहीं कहलगांव में गंगा लगभग 1 मीटर ऊपर बह रही है। निचले इलाके जैसे बूढ़ानाथ घाट, सखीचंद घाट, दीपनगर, मानिक सरकार घाट और आदमपुर बैंक कॉलोनी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

कोसी ने मचाई तबाही
नवगछिया क्षेत्र में कोसी नदी का पानी भी कहर बरपा रहा है। कुरसेला में इसका जलस्तर 30.73 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ज्यादा है। इस्माईलपुर से बिंदटोली तटबंध तक कई जगहों पर नदी का बहाव उल्टा हो गया है। शंकरपुर, रत्तीपुर बैरिया, श्रीरामपुर और गोसाईंदासपुर गांव पूरी तरह डूब गए हैं। लोग नावों के सहारे अपने घरों से निकल रहे हैं और कई परिवार प्रशासनिक इमारतों व ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।

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नगर निगम के कई वार्ड डूबे
भागलपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 1, 9, 17, 18, 21 और 22 सबसे अधिक प्रभावित हैं। यहां मोहल्लों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर चुका है। सड़कों पर नावें चल रही हैं और गंगा किनारे बसे परिवार चारों ओर से पानी से घिरे हुए हैं।

सुल्तानगंज का नमामि गंगे घाट भी जलमग्न
सुल्तानगंज का प्रसिद्ध नमामि गंगे घाट पूरी तरह डूब चुका है। मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से कांवरियों और स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। बावजूद इसके श्रद्धालु जोखिम उठाकर घाट तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

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