प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां रोम में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान उनकी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात हुई, जिसमें दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण और दोस्ताना माहौल देखने को मिला। खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने इस मुलाकात में मेलोनी को भारत की मशहूर Parle Melody चॉकलेट गिफ्ट की, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल “Melody (Modi + Meloni)” मीम से जोड़कर देखा जा रहा है। इस हल्के-फुल्के और मजेदार पल ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं और लोग इसे दोनों नेताओं के बीच मजबूत रिश्तों के एक अनौपचारिक लेकिन दिलचस्प प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई को इटली की अपनी राजनयिक यात्रा के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को पार्ले की ‘मेलोडी’ चॉकलेट टॉफियों का एक पैकेट उपहार में दिया है। PM मोदी ने भारत की मशहूर दो अलग-अलग टेक्सचर वाली कैंडी Parle Melody का एक स्टैंडर्ड पैक गिफ्ट किया है। इस कैंडी की खासियत है कि इसका बाहरी हिस्सा कड़ा कैरामल होता है जबकि अंदर का हिस्सा गाढ़े चॉकलेट से भरा होता है।

वहीं जॉर्जिया मेलोनी ने इस मुलाकात का एक वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा किया और पीएम मोदी को धन्यवाद भी कहा। एक और पोस्ट में मेलोनी ने भारतीय प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए लिखा “रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त!” उन्होंने ऐतिहासिक कोलोसियम में नेताओं की तस्वीरें भी शेयर कीं जिसमें दौरे के दौरान उनकी अनौपचारिक बातचीत को दिखाया गया।
पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में बताया …
वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी यात्रा के कुछ पल साझा करते हुए पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्होंने रोम पहुंचने के बाद मेलोनी के साथ डिनर किया और ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा भी किया। दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की और भारत–इटली संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई।
भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार विस्तार ले रही है,
बता दें कि भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार विस्तार ले रही है, और दोनों देश “संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025–2029” के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। ।कुल मिलाकर, यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि इसमें दोस्ताना और हल्के-फुल्के पल भी देखने को मिले, जिन्होंने इस दौरे को और अधिक चर्चा और सुर्खियों में ला दिया।