फैशन अब सिर्फ स्टाइल नहीं, बन गया है टेक्नोलॉजी का बड़ा सेक्टर: जानें करियर और सैलरी के मौके

Jyoti Sinha
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आज के दौर में फैशन सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं रह गया है। यह अब एक बड़ा इंडस्ट्री सेक्टर बन चुका है, जिसमें टेक्नोलॉजी और डिजाइन का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है। फैशन टेक्नोलॉजी (Fashion Technology) की डिमांड हर साल तेजी से बढ़ रही है और इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को लाखों रुपये तक की सैलरी मिल रही है।


फैशन टेक्नोलॉजी क्या है?

फैशन टेक्नोलॉजी वह क्षेत्र है जिसमें कपड़ों, फैब्रिक, डिजाइन और प्रोडक्शन के साथ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें डिजाइन सॉफ्टवेयर, ऑटोमेटेड सिलाई मशीनें, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग जैसी चीजें शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य फैशन इंडस्ट्री को क्रिएटिव, मॉडर्न और यूजर-फ्रेंडली बनाना है।


क्यों बढ़ रही है इसकी डिमांड?

फैशन इंडस्ट्री अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। ऑनलाइन ब्रांड्स, ई-कॉमर्स साइट्स और ग्लोबल मार्केट में डिजाइनर्स की जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में फैशन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। जो छात्र डिजाइन के साथ टेक्निकल स्किल्स भी जानते हैं, उनकी कंपनियों में वैल्यू बहुत अधिक है।

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फैशन टेक्नोलॉजी के कोर्स

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए कई कोर्स उपलब्ध हैं:

  • BSc in Fashion Technology
  • BDes in Fashion Design
  • Diploma in Fashion Technology
  • Post Graduate Diploma in Fashion Management

इन कोर्स में डिजाइनिंग, टेक्सटाइल साइंस, पैटर्न मेकिंग और CAD सॉफ्टवेयर पढ़ाया जाता है।


कहां से करें पढ़ाई?

भारत में कई प्रतिष्ठित संस्थान फैशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करवाते हैं:

  • NIFT (National Institute of Fashion Technology)
  • Pearl Academy
  • JD Institute of Fashion Technology
  • Symbiosis Institute of Design

इन संस्थानों से पढ़ाई के बाद अच्छे प्लेसमेंट और इंटरनेशनल ब्रांड्स में काम करने के अवसर मिलते हैं।


करियर और सैलरी

फैशन टेक्नोलॉजी में कई करियर विकल्प हैं:

  • फैशन डिजाइनर
  • टेक्सटाइल एनालिस्ट
  • मर्चेंडाइजर
  • CAD डिजाइनर
  • प्रोडक्शन मैनेजर
  • फैशन कंसल्टेंट

शुरुआती सैलरी 30-50 हजार रुपये प्रति माह हो सकती है, जबकि अनुभव के साथ यह लाखों रुपये तक बढ़ जाती है।


फैशन डिजाइन और फैशन टेक्नोलॉजी में अंतर

फैशन डिजाइन में केवल कपड़े और स्टाइलिंग पर ध्यान दिया जाता है, जबकि फैशन टेक्नोलॉजी में डिजाइन के साथ मशीन, सॉफ्टवेयर और प्रोडक्शन की जानकारी भी दी जाती है। यह अधिक टेक्निकल फील्ड है।


कौन कर सकता है कोर्स?

सिर्फ साइंस स्ट्रीम के छात्र ही नहीं, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के छात्र भी फैशन टेक्नोलॉजी में करियर बना सकते हैं। बस क्रिएटिव सोच, डिजाइनिंग में रुचि और बेसिक कंप्यूटर नॉलेज जरूरी है।


सरकारी नौकरी के अवसर

फैशन टेक्नोलॉजी से जुड़े छात्रों के लिए सरकारी संस्थानों और हैंडलूम बोर्ड में नौकरी के अवसर भी मौजूद हैं। इसके अलावा सरकारी प्रोजेक्ट्स में फैब्रिक और डिजाइन से जुड़े पद भी उपलब्ध हैं।


कोर्स फीस

फैशन टेक्नोलॉजी कोर्स की फीस कॉलेज पर निर्भर करती है।

  • सरकारी संस्थानों में: 1 से 2 लाख रुपये प्रति साल
  • प्राइवेट कॉलेजों में: 3 से 6 लाख रुपये प्रति साल

विदेश में करियर के मौके

फैशन टेक्नोलॉजी एक ग्लोबल इंडस्ट्री है। इंटरनेशनल ब्रांड्स जैसे Zara, H&M, Nike, Gucci में भारतीय डिजाइनर्स और टेक्नोलॉजिस्ट काम कर रहे हैं। यदि आपके पास क्रिएटिव पोर्टफोलियो और इंटरनेशनल सर्टिफिकेट हैं, तो विदेश में करियर और सैलरी दोनों शानदार हो सकते हैं।

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