बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन से एथेनॉल प्लांट तक, बिहार में निवेश के नए अवसर तलाश रही सरकार, पुणे में उद्योग विशेषज्ञों से मिले मंत्री संजय कुमार

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 21 जून। बिहार के गन्ना उद्योग के आधुनिकीकरण, एथेनॉल एवं जैव-ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार, कृषि आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करने तथा किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसको लेकर बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार का पुणे में आयोजित दो दिवसीय अध्ययन एवं औद्योगिक दौरा रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।

इस दौरा का उद्देश्य बिहार के गन्ना उद्योग के आधुनिकीकरण, एथेनॉल एवं जैव-ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार, कृषि आधारित उद्योगों में निवेश आकर्षित करने तथा किसानों की आय में वृद्धि हेतु नवीन संभावनाओं का अध्ययन एवं निवेशकों के साथ संवाद स्थापित करना था।

दौरे के प्रथम दिन, 20 जून को मंत्री ने वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट पुणे का भ्रमण कर उच्च उत्पादकता वाली गन्ना प्रजातियों, सतत गन्ना खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, सहकारी चीनी मिलों की कार्यप्रणाली तथा संस्थान द्वारा विकसित टिश्यू कल्चर आधारित पौध उत्पादन प्रणाली का विस्तृत अवलोकन किया। इसी क्रम में पुणे स्थित रेजिडेंसी क्लब में तिरहुत उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और सिग्मा सोलिशन्स एलएलपी, पुणे के सहयोग से निवेशकों एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार में चीनी परिसरों की स्थापना, बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन, एथेनॉल उत्पादन, बायो-सीएनजी, को-जनरेशन, आधुनिक गुड़ उद्योग, टिश्यू कल्चर पौधशालाओं तथा कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

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बैठक को संबोधित करते हुए गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के विजन के अनुसार हम लोग कार्य करने में लगे हैं ताकि राज्य में अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार गन्ना उत्पादन, जैव-ऊर्जा तथा कृषि आधारित उद्योगों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की अपार क्षमता रखता है। राज्य सरकार निवेशकों को अनुकूल औद्योगिक वातावरण, निवेश प्रोत्साहन नीतियां तथा उद्योग स्थापना के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवेशकों को बिहार में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा राज्य के औद्योगिक विकास में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

दौरे के दूसरे दिन रविवार को मंत्री ने पुणे स्थित दौंड शुगर मिल का भ्रमण कर मिल की कार्यप्रणाली, तकनीकी उन्नयन, एथेनॉल उत्पादन की संभावनाओं एवं सह-उत्पाद आधारित राजस्व मॉडल का अवलोकन किया। इस अवसर पर मिल के प्रबंध निदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण, ऊर्जा दक्षता, मूल्य संवर्धन तथा बिहार में उद्योग विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर ईखायुक्त, बिहार सरकार, अनिल कुमार झा, संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत कुमार तथा गन्ना उद्योग विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने निवेशकों एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर बिहार सरकार की निवेशोन्मुखी नीतियों, गन्ना क्षेत्र विस्तार कार्यक्रमों, एथेनॉल एवं जैव-ऊर्जा परियोजनाओं तथा कृषि-आधारित औद्योगिक विकास की रणनीतियों से अवगत कराया।

बैठक में उपस्थित निवेशकों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने बिहार में गन्ना उद्योग, एथेनॉल, बायो-सीएनजी तथा अन्य कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की दिशा में सकारात्मक रुचि व्यक्त की। यह विश्वास व्यक्त किया गया कि मंत्री का यह अध्ययन एवं निवेश प्रोत्साहन दौरा राज्य में नए निवेश आकर्षित करने, किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करने तथा बिहार को गन्ना आधारित हरित ऊर्जा एवं औद्योगिक विकास के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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