NEWS PR डेस्क: पटना/गया, 26 जून। बिहार सरकार ने गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुदर्शन प्रसाद सिंह को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह विभाग (कारा) द्वारा जारी आदेश में उन पर अपराधियों से मिलीभगत, जेल सुरक्षा नियमों की अनदेखी तथा प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
गृह विभाग के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान सुदर्शन प्रसाद सिंह का मुख्यालय खुदीराम बोस सेंट्रल जेल, मुजफ्फरपुर रहेगा। विभाग ने उनके विरुद्ध विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, यहां तक कि सेवा से बर्खास्तगी भी की जा सकती है।
मामले की शुरुआत 16 जुलाई को जेल में हुई तलाशी के दौरान हुई, जब एक बंदी रमेश यादव उर्फ सुमन यादव के पास से गांजा बरामद किया गया। आरोप है कि जेल अधीक्षक द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद डिप्टी सुपरिटेंडेंट ने कार्रवाई नहीं की। इस घटना को विभाग ने कर्तव्य की घोर उपेक्षा और संदिग्ध आचरण माना है।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सुदर्शन प्रसाद सिंह जेल के सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी करते हुए बाहरी लोगों और कैदियों के परिजनों को बिना गेट रजिस्टर में प्रविष्टि कराए अपने कार्यालय में बुलाते थे तथा कैदियों से उनकी मुलाकात कराते थे। वरिष्ठ अधिकारियों की बार-बार की गई मौखिक हिदायतों के बावजूद इस व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।
इसके अलावा जेल कर्मियों ने भी आरोप लगाया है कि यदि कोई सुरक्षाकर्मी नियमों के अनुसार बिना जांच किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने से रोकता था तो डिप्टी सुपरिटेंडेंट उसके साथ अभद्र व्यवहार करते थे। इन शिकायतों के आधार पर गृह विभाग ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है।
