बिहार में फर्जी मदरसा और संस्कृत विद्यालयों पर सरकार सख्त, जांच के बाद होगी कार्रवाई

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 29 मई। बिहार सरकार ने राज्य में संचालित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की व्यापक जांच कराने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ कहा है कि नियमों के विरुद्ध चल रहे और फर्जी पाए जाने वाले मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने यह बयान राज्य के बंद पड़े 11 राजकीय संस्कृत विद्यालयों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई संस्कृत विद्यालय उपेक्षा का शिकार हुए हैं, जो चिंता का विषय है। सरकार अब ऐसे संस्थानों की स्थिति सुधारने और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। जिस प्रकार सरकार मदरसों को प्रामाणिक तरीके से आगे बढ़ा रही है, उसी प्रकार संस्कृत विद्यालयों को भी मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करेगी और दोनों संस्थानों को समान प्राथमिकता दी जाएगी।

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शिक्षा मंत्री ने बताया कि मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के माध्यम से संचालित राज्यभर के सभी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के दौरान संस्थानों की मान्यता, संचालन व्यवस्था और नियमों के पालन की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में जो भी संस्थान फर्जी पाए जाएंगे या नियमों के विरुद्ध संचालित होते मिलेंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। सरकार का फोकस केवल उन्हीं विद्यालयों और मदरसों पर है, जो निर्धारित मानकों और नियमों के तहत संचालित हो रहे हैं।

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

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