Hajj Yatra 2027: बिहार से हज पर जाएंगे 3637 लोग, जानें पहली किस्त और जरूरी नियम

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: बिहार से हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। वर्ष 2027 में राज्य से कुल 3,637 लोग हज यात्रा पर जाएंगे। हज यात्रा की शुरुआत अप्रैल के पहले सप्ताह से होने की संभावना जताई जा रही है। बिहार के चयनित जायरीन की यात्रा के लिए पटना और गया एयरपोर्ट को प्रस्थान केंद्र बनाया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने हज यात्रा से जुड़ी तैयारियों और जरूरी नियमों की जानकारी साझा की है। विभाग के मुताबिक चयनित यात्रियों को कवर नंबर उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब उन्हें निर्धारित समय के भीतर हज यात्रा की पहली किस्त जमा करनी होगी।

पहली किस्त के लिए 1.52 लाख रुपये जमा करने होंगे
हज के लिए चयनित यात्रियों को पहली किस्त के रूप में 1,52,300 रुपये जमा करने होंगे। इसमें 300 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के तौर पर शामिल हैं। विभाग ने यात्रियों से निर्धारित समय सीमा के अंदर राशि जमा करने को कहा है, ताकि यात्रा से जुड़ी आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। 15 साल से कम उम्र के बच्चों को अनुमति नहीं
हज यात्रा के लिए उम्र से संबंधित नियम भी लागू रहेंगे। 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को हज पर जाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के जायरीन के साथ एक अटेंडेंट का होना जरूरी किया गया है। वरिष्ठ यात्रियों के साथ जाने वाले अटेंडेंट के यात्रा संबंधी खर्च की जिम्मेदारी संबंधित जायरीन की होगी। यानी अटेंडेंट का पूरा खर्च यात्री को स्वयं वहन करना पड़ेगा। महिलाओं के हज यात्रा पर जाने को लेकर भी विशेष व्यवस्था है। महिला जायरीन के कवर में कम से कम चार सदस्य होना आवश्यक होगा। इस नियम के अनुसार ही यात्रा की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बिहार को मिलता है करीब 12 हजार का हज कोटा
मुस्लिम आबादी के आधार पर केंद्रीय हज कमेटी की ओर से बिहार के लिए हर वर्ष करीब 12 हजार हज यात्रियों का कोटा निर्धारित किया जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में राज्य इस निर्धारित कोटे को पूरी तरह भर नहीं पा रहा है। इस बार 3637 चयनित जायरीन के साथ हज यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पटना और गया एयरपोर्ट से होने वाली रवानगी के लिए विभाग संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।

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