1 अप्रैल से जेब पर असर: बिहार में टोल टैक्स हुआ महंगा, जानें किस रोड के लिए कितना लगेगा Toll Tax?

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 01 अप्रैल। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और यात्रा पर असर डालने वाले कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 31 मार्च की मध्यरात्रि से टोल टैक्स की नई दरें लागू कर दी हैं, जिसके तहत बिहार सहित देशभर के टोल प्लाजा पर शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। बिहार में औसतन करीब 2 प्रतिशत तक टोल बढ़ा है, जबकि कुछ टोल प्लाजा पर यह वृद्धि 3 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।

पटना-बख्तियारपुर हाईवे स्थित दीदारगंज टोल प्लाजा पर हल्के वाहनों के लिए एकल यात्रा शुल्क 135 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये कर दिया गया है। 24 घंटे के लिए शुल्क 200 से बढ़कर 210 रुपये और मासिक पास 4455 रुपये से बढ़कर 4615 रुपये हो गया है। हल्के व्यवसायिक वाहनों के लिए एकल यात्रा 210 रुपये, 24 घंटे के लिए 315 रुपये और मासिक पास 7040 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं ट्रक और बसों के लिए एकल यात्रा शुल्क 425 रुपये, 24 घंटे के लिए 635 रुपये और मासिक पास 14115 रुपये तय किया गया है।

मुजफ्फरपुर-बरौनी हाईवे के मनियारी टोल प्लाजा पर हल्के वाहनों की एकल यात्रा में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, हालांकि 24 घंटे के भीतर दोतरफा यात्रा करने पर 5 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। दरभंगा फोरलेन के मैठी टोल प्लाजा पर विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए 5 से 35 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। सीतामढ़ी स्थित रुन्नी टोल प्लाजा पर एकल यात्रा में 5 से 15 रुपये और दोतरफा यात्रा में 5 से 30 रुपये तक की वृद्धि हुई है। वहीं दरभंगा-पूर्णिया हाईवे के राजे टोल प्लाजा पर भी अलग-अलग वाहनों के लिए 5 से 35 रुपये तक टोल बढ़ाया गया है, जहां कार-जीप और हल्के वाहनों के लिए एकल यात्रा शुल्क 145 रुपये निर्धारित किया गया है।

इस बार का सबसे बड़ा बदलाव भुगतान व्यवस्था में किया गया है। अब सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और वाहन चालकों को FASTag, UPI या QR कोड के माध्यम से ही टोल शुल्क का भुगतान करना होगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने, पारदर्शिता बढ़ाने और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा FASTag के वार्षिक पास की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले 3000 रुपये में मिलने वाला यह पास अब 3075 रुपये का हो गया है, यानी इसमें 75 रुपये की वृद्धि की गई है। यह पास देशभर के 1150 से अधिक टोल प्लाजा पर लागू होगा और निजी कार, जीप व वैन चालकों के लिए उपयोगी है। वर्तमान में करीब 56 लाख लोग इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं, जिन्हें अब नवीनीकरण के समय अतिरिक्त राशि देनी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरों में यह बढ़ोतरी रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, खासकर ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर सीधा असर डालेगी, जिससे माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। हालांकि डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से यात्रा अधिक सुगम और समय की बचत वाली होने की उम्मीद है।

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