दिल्ली के प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी पर जांच, अभिजीत दीपके और सौरव दास के नाम शिकायत में

Shreya Raj
अभिजीत दीपके से जुड़े मामले में दिल्ली प्रदर्शन के दौरान नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर पुलिस जांच शुरू।

NEWS PR डेस्क : नई दिल्ली/इंदौर : दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में नाबालिग लड़के-लड़कियों की कथित मौजूदगी को लेकर जांच शुरू हो गई है। मुंबई निवासी और खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाले फैजान अंसारी ने इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।

नाबालिगों को प्रदर्शन में लाने का आरोप

फैजान अंसारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जांच इस बात को लेकर होनी चाहिए कि क्या अभिजीत दीपके, सौरव दास या अन्य आयोजकों ने नाबालिगों को प्रदर्शन में बुलाने, उन्हें प्रोत्साहित करने या उनकी भागीदारी में मदद करने में कोई भूमिका निभाई थी। यह प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर आयोजित किया गया था।

फोटो, वीडियो और CCTV फुटेज की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने प्रदर्शन से जुड़े फोटो और वीडियो को सुरक्षित रखने और उनकी जांच करने की भी मांग की है। इसके अलावा मीडिया इंटरव्यू, सार्वजनिक बयान, प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास के CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच करने की अपील की गई है। उनका कहना है कि इन सबूतों के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी के पीछे किसकी भूमिका थी।

POCSO और अन्य कानूनों के तहत FIR की मांग

फैजान अंसारी ने कहा है कि अगर जांच में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी संज्ञेय अपराध की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। शिकायत में Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), Information Technology Act और Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

इंदौर पुलिस ने क्या कहा?

इंदौर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस को फैजान अंसारी की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताता है और फिलहाल शिकायत की जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।

36 दिन चला था CJP का प्रदर्शन

CJP के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर NEET प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन करीब 36 दिनों तक चला था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी और भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया था।

इसके बाद 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद CJP ने अपना प्रदर्शन वापस ले लिया था। संगठन ने दावा किया था कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को स्वीकार कर लिया है।

इस पूरे मामले में फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। नाबालिगों की कथित मौजूदगी और उसमें अभिजीत दीपके, सौरव दास या अन्य आयोजकों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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