नई उद्योग नीति से बिहार में बढ़ा निवेश, कई कंपनियां आ रहीं आगे…

Patna Desk
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बिहार में नई उद्योग नीति लागू होने के बाद उद्योगपतियों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। इसी का परिणाम है कि बीते कुछ वर्षों में राज्य में कई नए उद्योगों की स्थापना हुई है, जिनमें भारतीय कंपनियों के साथ विदेशी कंपनियां भी रुचि दिखा रही हैं। अब इस कड़ी में प्रीमियम आइसक्रीम ब्रांड लंदन डेयरी भी शामिल हो गया है, जो बिहार में अपनी इकाई लगाने की तैयारी कर रहा है। इस ब्रांड का निर्माण करने वाली कंपनी अलाना कंज्यूमर प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य के उद्योग विभाग से संपर्क किया है।इसके अलावा, आनंद डेयरी भी बिहार में उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की कई अन्य प्रमुख कंपनियों ने भी बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) से भूमि अधिग्रहण के लिए संपर्क साधा है।लंदन डेयरी के प्रोडक्ट्स को लेकर बढ़ी मांगलंदन डेयरी न केवल प्रीमियम आइसक्रीम बनाती है, बल्कि उसके चॉकलेट उत्पाद भी काफी लोकप्रिय हैं। देश के विभिन्न महानगरों में इस ब्रांड के उत्पाद आसानी से उपलब्ध हैं और अब बिहार में भी इसकी उपस्थिति देखने को मिलेगी।इससे पहले, प्रसिद्ध खाद्य प्रसंस्करण कंपनी हल्दीराम ने मोतीपुर में अपनी यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि इस साल नवंबर तक वहां उत्पादन कार्य प्रारंभ हो जाएगा।खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की रुचि दिखाने वाली अन्य कंपनियों में कैटल फीड निर्माता एक प्रमुख कंपनी को बियाडा ने आवश्यक भूमि आवंटित कर दी है। इसी तरह, ग्रूस एंड ग्रेस कंपनी ने पोहा और बायो फ्यूल उत्पादन के लिए 905 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है।इसके अलावा, मधुबनी मखाना प्राइवेट लिमिटेड बिहार में अपनी मखाना प्रसंस्करण यूनिट शुरू करने जा रही है, जिसमें करीब 25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।नई उद्योग नीति के प्रभाव से बिहार में औद्योगिक विकास

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