जल जीवन मिशन: देश के 81% से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा नल जल, सरकार का बड़ा दावा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: देश में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत केंद्र सरकार ने बड़ी प्रगति का दावा किया है। सरकार के अनुसार, अगस्त 2019 में मिशन की शुरुआत के समय जहां केवल 3.23 करोड़ यानी 16.7 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 15.82 करोड़ यानी 81.71 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, 3 मार्च 2026 तक जल जीवन मिशन के तहत 12.58 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल के पानी का कनेक्शन दिया गया है। देश के कुल 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से अब केवल 3.54 करोड़ परिवार ऐसे हैं, जहां नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराना बाकी है और इन पर तेजी से काम चल रहा है।

सरकार के अनुसार, मिशन के तहत जल आपूर्ति की स्थिति पारदर्शी रखने के लिए राज्य, जिला और गांव स्तर तक का डेटा सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराया गया है, जिसे जेजेएम डैशबोर्ड पर देखा जा सकता है।

हालांकि, पेयजल राज्य का विषय होने के कारण योजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, जबकि केंद्र सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। विभिन्न राज्यों में जल भंडारण, वितरण प्रणाली और शुद्धिकरण सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं एक साथ चलाई जा रही हैं।

मिशन के तहत किए गए स्वतंत्र तृतीय-पक्ष आकलन (2024) में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि 98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन मौजूद हैं, जिनमें से 87 प्रतिशत घरों को नियमित रूप से पानी मिल रहा है। वहीं, 84 प्रतिशत घरों को निर्धारित समय पर जल आपूर्ति, 80 प्रतिशत को न्यूनतम 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (LPCD) पानी और 76 प्रतिशत घरों में जल की गुणवत्ता सुरक्षित पाई गई। कुल मिलाकर 76 प्रतिशत नल कनेक्शन पूरी तरह कार्यशील पाए गए।

इसके बावजूद, सरकार ने स्वीकार किया है कि कई राज्यों में भूगर्भीय प्रदूषण, जल स्रोतों की कमी, दुर्गम क्षेत्र, बिखरी बस्तियां और तकनीकी संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां मौजूद हैं, जिनसे निपटने के प्रयास जारी हैं।

इन कार्यों को गति देने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 67,670 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही, नल जल मित्र कार्यक्रम, ई-ग्रामस्वराज पोर्टल से डैशबोर्ड लिंकिंग, जिला कलेक्टर संवाद और तकनीकी सहायता तंत्र को मजबूत करने जैसे कई कदम उठाए गए हैं।

जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है, जिस दिशा में तेजी से काम जारी है।

Share This Article