सिर्फ 17 हजार नकद, अधूरी इंजीनियरिंग और करोड़ों का निवेश; निशांत कुमार के हलफनामे ने खींचा ध्यान

Rashmi Tiwari
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NEWS PR डेस्क:बिहार की राजनीति में इन दिनों एक चुनावी हलफनामा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जदयू प्रत्याशी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार द्वारा बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए दाखिल किए गए शपथपत्र ने उनकी शैक्षणिक योग्यता और संपत्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक की हैं। सबसे अधिक चर्चा उनकी शिक्षा को लेकर हो रही है, क्योंकि लंबे समय से उन्हें इंजीनियर माना जाता रहा, जबकि हलफनामे से एक अलग तस्वीर सामने आई है।

हलफनामे के अनुसार, निशांत कुमार ने वर्ष 1998 में Patna Science College से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने Birla Institute of Technology Mesra में कंप्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में नामांकन लिया। हालांकि, आठ सेमेस्टर वाले इस कोर्स में वे केवल पांच सेमेस्टर तक ही अध्ययन कर सके और वर्ष 2001 में उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई। चुनावी दस्तावेजों में दर्ज इस जानकारी के बाद उन्हें इंजीनियर मानने की वर्षों पुरानी धारणा पर विराम लग गया है।

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संपत्ति के विवरण ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हलफनामे के मुताबिक, उनके पास नकद राशि मात्र 17,409 रुपये है, जबकि विभिन्न निवेश योजनाओं और बैंक खातों में करोड़ों रुपये की संपत्ति दर्ज है। State Bank of India की बोरिंग रोड शाखा में उनके नाम 72.22 लाख रुपये की एफडी है, वहीं सचिवालय शाखा में 48.87 लाख रुपये का पीपीएफ जमा है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड में 11 लाख रुपये से अधिक का निवेश और डाकघर की एनएससी योजना में 34.35 लाख रुपये जमा हैं।
उनके पास किसी प्रकार के आभूषण या ज्वेलरी का उल्लेख नहीं
वाहनों की सूची में उनके नाम दो कारें दर्ज हैं—एक Hyundai Grand i10 और दूसरी Kia Seltos। हलफनामे की एक दिलचस्प बात यह भी है कि उनके पास किसी प्रकार के आभूषण या ज्वेलरी का उल्लेख नहीं है। अचल संपत्तियों में उनके पैतृक गांव की कृषि भूमि शामिल है। इसके अलावा Shiv Radhika Complex में एक फ्लैट तथा PC Housing Society में जमीन उनके नाम दर्ज है।
बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय
शिक्षा और संपत्ति से जुड़ी इन जानकारियों के सार्वजनिक होने के बाद निशांत कुमार का हलफनामा बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। विशेष रूप से उनकी अधूरी इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।

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