NEWS PR डेस्क: पटना हाईकोर्ट के इतिहास में शुक्रवार का दिन विशेष रहा। वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने पटना उच्च न्यायालय की नई मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राजधानी स्थित लोकभवन में आयोजित समारोह में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में न्यायपालिका, प्रशासन और विधि जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह के बाद जस्टिस राय सीधे पटना हाईकोर्ट पहुंचीं, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाला। उनके सम्मान में दोपहर एक बजे उच्च न्यायालय परिसर में स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया।

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और बाद में कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1990 में उन्होंने विधि व्यवसाय की शुरुआत करते हुए दिल्ली बार में पंजीकरण कराया और दिल्ली हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्य किया।
इसके बाद उन्होंने सिक्किम न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया। न्यायिक क्षेत्र में लंबे अनुभव और उल्लेखनीय योगदान के आधार पर उन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 मई को केंद्र सरकार को उनके नाम की सिफारिश मुख्य न्यायाधीश पद के लिए भेजी थी। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ।
जस्टिस मीनाक्षी मदन राय पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश बनी हैं। हालांकि उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहेगा, क्योंकि वह आगामी 12 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाली हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस संगम कुमार साहू पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। उनका कार्यकाल 4 जून को सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त हो गया था। अब न्यायपालिका की नई जिम्मेदारी जस्टिस मीनाक्षी मदन राय के हाथों में होगी।