NEWS PR डेस्क : बिहार सरकार की भूमि वितरण योजना पर सवाल खड़ा करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सुपौल जिले से सामने आया है। यहां दर्जनों भूमिहीन महादलित परिवारों को करीब 12 वर्ष पहले जमीन का पर्चा तो दे दिया गया, लेकिन आज तक उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे परिवार अब न्याय की आस में फिर से अंचल कार्यालय पहुंचे हैं।

12 साल पहले मिला था जमीन का पर्चा
मामला पिपरा प्रखंड की दीनापट्टी पंचायत के वार्ड संख्या 15 स्थित पिपराही महादलित टोला का है। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2012-13 में सरकार की ओर से करीब तीन दर्जन भूमिहीन महादलित परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन का पर्चा आवंटित किया गया था। परिवारों का कहना है कि पर्चा मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही रहने के लिए अपनी जमीन मिल जाएगी, लेकिन एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह सपना अधूरा है।
सड़क किनारे रहने को मजबूर परिवार
पर्चाधारी परिवारों का आरोप है कि जमीन नहीं मिलने के कारण वे आज भी अस्थायी झोपड़ियों और सड़क किनारे बने कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने कई बार पिपरा अंचल कार्यालय से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक अपनी समस्या पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
महिलाओं ने CO से लगाई गुहार
लंबे समय से इंतजार और लगातार निराशा के बाद दर्जनों महादलित परिवारों की महिलाएं पिपरा प्रखंड कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अंचलाधिकारी (CO) को आवेदन सौंपकर पर्चा के अनुसार जमीन उपलब्ध कराने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि सरकार ने उन्हें जमीन का अधिकार तो दिया, लेकिन जमीन का वास्तविक लाभ आज तक नहीं मिल पाया। ऐसे में वे बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
कई बार लगाई गुहार, नहीं मिली सुनवाई’
महिलाओं का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में उन्होंने कई बार प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन उनकी समस्या पर गंभीर पहल नहीं हुई। अब वे उम्मीद कर रही हैं कि इस बार प्रशासन उनकी मांगों पर कार्रवाई करेगा और उन्हें जमीन का अधिकार मिलेगा।
CO ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा
इस संबंध में पिपरा की अंचलाधिकारी उमा कुमारी ने बताया कि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी। आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्चा और संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद जिस जमीन का आवंटन किया गया है, उसे पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट
