एलआई योजना से मजबूत हो रहा चिप डिजाइन इकोसिस्टम, सी2आई सेमीकंडक्टर्स ने जुटाए 15 मिलियन डॉलर

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: भारत का सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन इकोसिस्टम लगातार गति पकड़ रहा है। केंद्र सरकार की डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत समर्थित स्टार्टअप अब निवेशकों और उद्योग जगत दोनों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इसी कड़ी में बेंगलुरु स्थित C2I Semiconductors ने पीक एक्सवी पार्टनर्स के नेतृत्व में 15 मिलियन डॉलर की सीरीज फंडिंग हासिल की है। यह किसी भारतीय सेमीकंडक्टर स्टार्टअप द्वारा अब तक जुटाई गई सबसे बड़ी फंडिंग बताई जा रही है।

2022 में शुरू हुई थी डीएलआई योजना

सरकार ने वर्ष 2022 में डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य शुरुआती चरण के जोखिम को कम करना है। इस योजना के तहत स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, उन्नत ईडीए टूल्स, बौद्धिक संपदा कोर तक पहुंच और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद दी जाती है। कठोर स्क्रीनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद ही कंपनियों को योजना में शामिल किया जाता है, जिससे विश्वसनीय डीप-टेक उद्यमों को बढ़ावा मिलता है।

अनुभवी टीम के साथ 2024 में हुई स्थापना

C2I Semiconductors की स्थापना 5 जून 2024 को बेंगलुरु में हुई थी। संस्थापक टीम को टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, नेशनल सेमीकंडक्टर और मैक्सिम इंटीग्रेटेड जैसी वैश्विक कंपनियों में दशकों का अनुभव है। 1 नवंबर 2024 से कंपनी को डीएलआई योजना के तहत वित्तीय सहायता और उन्नत चिप डिजाइन उपकरणों तक पहुंच की मंजूरी मिली।

सेमीकंडक्टर उद्योग के दिग्गज गणपति सुब्रमण्यम, जो याली कैपिटल के संस्थापक प्रबंध भागीदार हैं, कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए हैं। कंपनी वर्तमान में अगली पीढ़ी के एआई डेटा केंद्रों और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंटेलिजेंट पावर-मैनेजमेंट चिप डिजाइन कर रही है।

डेटा सेंटर की बिजली चुनौती का समाधान

आधुनिक एआई आधारित डेटा केंद्रों में अत्यधिक स्थिर और उच्च क्षमता वाली बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। पारंपरिक सिस्टम निरंतर उच्च-घनत्व कंप्यूटिंग के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जिससे ऊर्जा हानि, अधिक गर्मी और विश्वसनीयता की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

इस चुनौती से निपटने के लिए कंपनी “ग्रिड-टू-कोर” दृष्टिकोण पर काम कर रही है। इसके तहत बिजली स्रोत से प्रोसेसर चिप तक संपूर्ण पावर फ्लो को पुनः डिज़ाइन किया जा रहा है। कंपनी एक स्मार्ट और कॉन्फ़िगर करने योग्य पावर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जो वास्तविक समय में बिजली आपूर्ति का प्रबंधन और अनुकूलन करता है। इससे ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी, गर्मी और खराबी कम होगी तथा उपकरणों का जीवनकाल बढ़ेगा।

निवेशकों का भरोसा

Peak XV Partners (पूर्व में सिकोइया कैपिटल इंडिया और एसईए) ने 15 मिलियन डॉलर के निवेश का नेतृत्व किया है। इससे पहले वर्ष 2024 में याली कैपिटल के नेतृत्व में कंपनी को 4 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिल चुकी है। अब तक कुल निवेश लगभग 170 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, इसके अतिरिक्त डीएलआई योजना के तहत भी सहायता प्राप्त है।

पीक एक्सवी के प्रबंध निदेशक राजन आनंदन ने कहा कि कंपनी का पावर मैनेजमेंट दृष्टिकोण जीपीयू के जीवनकाल को बढ़ा सकता है और उद्योग में अरबों डॉलर की बचत संभव बना सकता है।

नीति और विजन का तालमेल

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत का सेमीकंडक्टर कार्यक्रम डिजाइन और विनिर्माण दोनों को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है। सरकार का फोकस घरेलू बौद्धिक संपदा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद कंपनियों के निर्माण पर है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास चिप डिजाइन प्रतिभा का मजबूत आधार है और सरकार स्टार्टअप्स को डिजाइन प्रोत्साहन, उन्नत उपकरण और इकोसिस्टम समर्थन देकर देश को विश्वसनीय सेमीकंडक्टर भागीदार बनाने की दिशा में काम कर रही है।

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