प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु और वननेस मूवमेंट (Oneness Movement) के संस्थापक जिन्हें उनके अनुयायी ‘कल्कि भगवान’ या ‘श्री भगवान’ के नाम से जानते हैं,, ने चेन्नई के एक निजी अस्पताल में महासमाधि प्राप्त की। उनके महासमाधि लेने की खबर से उनके अनुयायियों और भक्तों में शोक की लहर है।
श्री भगवान ने चार दशकों से अधिक समय मानव चेतना के जागरण और आध्यात्मिक विकास के लिए समर्पित किया। उन्होंने प्रेम, करुणा, आंतरिक स्वतंत्रता और एकत्व की भावना का संदेश लोगों तक पहुंचाया। उनके विचारों और शिक्षाओं से देश-विदेश में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।
श्री भगवान के पावन पार्थिव शरीर को भक्तों के अंतिम दर्शन एवं प्रार्थना के लिए एकम क्षेत्र में दो दिनों तक रखा जाएगा। बुधवार से शुक्रवार दोपहर तक श्रद्धालु एकम क्षेत्र पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे और श्रद्धापूर्वक अपनी प्रार्थनाएं अर्पित करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
शेमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल, पटना की निदेशक मीरा सिन्हा ने श्री भगवान की महासमाधि पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री भगवान के विचारों और शिक्षाओं ने उन्हें भी प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि वह उनके विचारों से प्रेरणा लेकर उन्हें अपने जीवन में अपनाने और व्यवहार में उतारने का प्रयास करती हैं।
मीरा सिन्हा ने कहा कि श्री भगवान का प्रेम, करुणा, आंतरिक स्वतंत्रता और एकत्व का संदेश मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उनके आध्यात्मिक विचार और शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देती रहेंगी। उन्होंने श्री भगवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अनुयायियों एवं भक्तों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
श्रद्धालु एकम क्षेत्र में पहुंचकर शांतिपूर्ण वातावरण में श्री भगवान को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके आध्यात्मिक संदेशों एवं शिक्षाओं को स्मरण करेंगे।