NEWS PR डेस्क: पटना/जमुई, 28 जुलाई। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को कथित बेनामी संपत्ति की जांच को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए जमुई और शेखपुरा में एक साथ छापेमारी शुरू की। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी, उनके पति बाहुबली गुड्डू यादव और उनसे जुड़े लोगों के करीब 24 ठिकानों पर दबिश दी। एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई से दोनों जिलों में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के मुताबिक, EOU की टीमें जिला मुख्यालय स्थित आवास, जिला परिषद आवास, व्यावसायिक परिसरों और अन्य संभावित ठिकानों पर पहुंचीं। खैरा थाना क्षेत्र के डमरकोला गांव स्थित गुड्डू यादव के ससुराल में भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच शुरू कर दी है।
बेनामी संपत्ति के आरोपों की पड़ताल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूरी कार्रवाई कथित बेनामी संपत्ति और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और उनकी खरीद-फरोख्त में कहीं वित्तीय अनियमितता या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। हालांकि, जांच के दौरान किन दस्तावेजों या संपत्तियों को संदेह के दायरे में लिया गया है, इस पर EOU ने अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।

कई टीमों ने एक साथ संभाला मोर्चा
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के लिए EOU ने कई टीमों का गठन किया है, जो जमुई और शेखपुरा के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ जांच कर रही हैं। अधिकारियों का फोकस संपत्ति के स्वामित्व, निवेश, लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन पर है। समाचार लिखे जाने तक छापेमारी जारी थी और किसी भी तरह की बरामदगी या जब्ती की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार
24 ठिकानों पर एक साथ हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। हालांकि, जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
अब सभी की निगाहें EOU की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आए और आगे इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
