बिहार में आयुष्मान योजना पर बड़ा एक्शन, 4 अस्पतालों पर कार्रवाई; 120 को नोटिस

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के मुफ्त इलाज के नाम पर कथित गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डिजिटल निगरानी के दौरान संदिग्ध मेडिकल क्लेम सामने आने के बाद पटना के एक अस्पताल को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य अस्पतालों की संबद्धता रद्द कर दी गई है। इसके अलावा, राज्य के 120 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
चार अस्पतालों पर कार्रवाई, 120 को नोटिस
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पटना स्थित रवि सेवा सदन को ब्लैकलिस्ट किया गया है। वहीं, श्री राज ट्रस्ट अस्पताल, जीवन अस्पताल (खुसरूपुर) और मियाद अस्पताल का आयुष्मान भारत योजना के तहत एम्पैनलमेंट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के साथ ही 120 अस्पतालों को नोटिस जारी कर उनसे कथित अनियमितताओं पर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, योजना के तहत सरकारी राशि के दुरुपयोग को रोकने के लिए निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज की गई है।
AI सिस्टम ने कैसे पकड़ी गड़बड़ी?
अस्पतालों की ओर से इलाज के नाम पर जमा किए गए क्लेम की डिजिटल जांच के दौरान कुछ असामान्य पैटर्न सामने आए। बताया गया है कि कई मामलों में मरीजों को गंभीर बीमारी से पीड़ित बताकर भर्ती दिखाया गया, लेकिन संबंधित बीमारी की पुष्टि करने वाली जरूरी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थीं।
कुछ दावों में इलाज और मरीज की केस हिस्ट्री के बीच भी विसंगतियां पाई गईं। इन संकेतों के आधार पर मामलों को आगे की जांच के लिए एंटी फ्रॉड यूनिट के पास भेजा गया। टीम ने दस्तावेजों की पड़ताल कर संदिग्ध दावों की जांच की।
फर्जी क्लेम पर निगरानी, सरकारी धन बचाने की कोशिश
बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सीईओ अरविंद कुमार वर्मा के अनुसार, सरकारी धन के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए AI आधारित निगरानी प्रणाली और एंटी फ्रॉड यूनिट सक्रिय हैं। संदिग्ध मामलों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को अस्पताल में कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है। ऐसे में कथित फर्जी क्लेम पर कार्रवाई से योजना के पारदर्शी संचालन और सरकारी धन की सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नोटिस पाने वाले अस्पतालों के जवाब और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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