NEWS PR डेस्क: पटना, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जेपी गंगा पथ के समानांतर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को इस अभियान का शुभारंभ करते हुए लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “हम सभी मिलकर अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे, तभी जीवन सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि हर व्यक्ति अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पेड़ जरूर लगाए।
जेपी गंगा पथ बनेगा ‘ऑक्सीजन कॉरिडोर’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी गंगा पथ पर एक लाख वृक्षारोपण से यह क्षेत्र आने वाले समय में “ऑक्सीजन का केंद्र” बनेगा। उन्होंने कहा कि जीवन के लिए ऑक्सीजन सबसे जरूरी है और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में वर्ष 2005 से अब तक 43 करोड़ पौधारोपण किए गए हैं, जिससे राज्य में हरित आवरण बढ़ा है। उन्होंने बताया कि झारखंड अलग होने के समय बिहार में वन क्षेत्र 10 प्रतिशत से भी कम था, लेकिन लगातार वृक्षारोपण अभियानों के कारण स्थिति में सुधार आया है।
पर्यावरण जागरूकता वाहन रवाना
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन बिहार के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान कृषि, वानिकी और पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच पर्यावरणविदों को सम्मानित भी किया गया।
सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार सौर ऊर्जा के विस्तार की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत पहले चरण में पांच लाख घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति घर 33 हजार रुपये की सहायता राशि देगी, जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। अगले दो वर्षों में 50 लाख परिवारों तक सोलर आधारित बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन घरों में सोलर सिस्टम से 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होगा, वहां अतिरिक्त बिजली राज्य सरकार खरीदेगी और इसकी राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। इससे लोगों के लिए आय का नया स्रोत भी तैयार होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने पर 12 हजार रुपये और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी के रूप में सरकार हर वर्ष करीब 23 हजार करोड़ रुपये दे रही है, जो देश में सबसे बड़ी सहायता राशियों में से एक है।
‘मां के नाम एक पेड़’ अभियान पर जोर
मुख्यमंत्री ने लोगों से “मां के नाम एक पेड़” लगाने की अपील करते हुए कहा कि जिनकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, वे उनकी स्मृति में पौधा लगाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा।
कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद, सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।