NEWS PR डेस्क: पटना,06 जुलाई। बिहार सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में उनके नाम पर किसी प्रमुख पार्क या सड़क का निर्माण अथवा नामकरण करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की।
सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए किए गए योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि सार्वजनिक स्थलों को महान विभूतियों के नाम से जोड़ने से लोगों में उनके विचारों और कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
योजना के तहत प्रत्येक जिले में स्थानीय प्रशासन उपलब्ध भूमि और स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर किसी महत्वपूर्ण पार्क या सड़क का चयन करेगा। जहां जरूरत होगी, वहां नए पार्क या सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जबकि अन्य स्थानों पर पहले से मौजूद सार्वजनिक स्थल का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा जाएगा।

इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन नामकरण, निर्माण और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करेंगे।
सरकार का कहना है कि पार्क और सड़क जैसे सार्वजनिक स्थानों का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में इन स्थलों के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को देश के इतिहास तथा राष्ट्रहित में योगदान देने वाले महापुरुषों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में इस योजना पर अमल शुरू हो जाएगा और चरणबद्ध तरीके से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर नए पार्क और सड़कें विकसित या नामित की जाएंगी।
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला राष्ट्र की एकता, अखंडता और देशहित के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की भावना से लिया गया है। साथ ही, इस पहल से सार्वजनिक स्थलों के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।
