NEWS PR डेस्क : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक बड़ी सफलता मिली है। विशेष निगरानी न्यायालय, पटना ने मधुबनी जिले के जयनगर के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) गुलाम मुस्तफा अंसारी की 49,03,963 रुपये की चल-अचल संपत्ति बिहार सरकार के पक्ष में राज्यसात (जब्त) करने का आदेश दिया है।
विशेष न्यायालय निगरानी, पटना के प्राधिकृत पदाधिकारी ब्रजेश कुमार पाठक ने 1 अगस्त 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 137/2016 से संबंधित राज्यसात वाद संख्या 04/2021 में यह आदेश पारित किया।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ 9 दिसंबर 2016 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ई) के तहत आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसके बाद 17 मार्च 2021 को विशेष न्यायालय निगरानी, पटना में आरोपी की कथित अवैध रूप से अर्जित 49.03 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को राज्यसात करने के लिए आवेदन दायर किया गया।श दिया है।

प्रभावी पैरवी के बाद मिला आदेश
बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने मामले की पैरवी की। इसके बाद अदालत ने आरोपी की 49,03,963 रुपये की संपत्ति को बिहार सरकार के पक्ष में राज्यसात करने का आदेश दिया।लिए आवेदन दायर किया गया।

2011 से अब तक 32.83 करोड़ रुपये की संपत्ति राज्यसात
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2011 से अब तक विशेष निगरानी न्यायालय ने 47 राज्यसात वादों में कुल 32,83,59,105 रुपये की आय से अधिक अर्जित संपत्ति को बिहार सरकार के पक्ष में राज्यसात करने का आदेश दिया है।
इनमें वर्ष 2024 में 3 मामलों में 6,43,29,746/- रुपये, वर्ष 2025 में 3 मामलों में 2,30,67,812/- रुपये और वर्ष 2026 में अब तक 2 मामलों में 65,48,121/-रुपये की संपत्ति राज्यसात करने के आदेश दिए जा चुके हैं। बता दें कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को बिहार सरकार के पक्ष में राज्यसात करने की दिशा में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की निरंतर सफलता को दर्शाती है।
