पूर्वी चंपारण जिले में मानव तस्करी और बाल शोषण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। छौड़ादानो थाना क्षेत्र में जिला बाल संरक्षण इकाई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने विभिन्न आर्केस्ट्रा सेंटरों पर छापेमारी कर 23 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है। आरोप है कि इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर लाया गया था और उनसे जबरन काम कराया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान तीन संचालकों को हिरासत में लिया गया है।

खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
जिला बाल संरक्षण इकाई को सूचना मिली थी कि इलाके के कुछ आर्केस्ट्रा सेंटरों में नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम गठित की गई और चिन्हित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में नाबालिग लड़कियां वहां मौजूद मिलीं, जिन्हें तत्काल सुरक्षित संरक्षण में लेकर रेस्क्यू किया गया।
सुरक्षित स्थान पर रखी गईं बच्चियां
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराई गई सभी बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उनकी काउंसिलिंग और चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है ताकि उनकी वास्तविक उम्र, पहचान और गृह राज्य की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस ने मौके से तीन आर्केस्ट्रा संचालकों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम, मानव तस्करी और किशोर न्याय अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग लड़कियों को किन राज्यों से और किन माध्यमों से यहां लाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट
