पिता आर्मी में थे..गांव जाते समय स्टेशन पर रुकता था परिवार; बॉलीवुड एक्टर गुरमीत चौधरी ने पुराने दिनों को किया याद

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता गुरमीत चौधरी और अभिनेत्री ईशा मालवीय सोमवार को अपनी आगामी हिंदी फिल्म ‘तुम मेरे हो’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे। इस दौरान दोनों कलाकारों ने फिल्म के बारे में बातचीत की और बिहार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। गुरमीत चौधरी ने बिहार की बदलती तस्वीर की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य को सिर्फ लिट्टी-चोखा तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए। पटना आज किसी भी बड़े शहर से कम नहीं है। वहीं, ईशा मालवीय ने भी शहर के विकास और यहां के स्कूल-कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की।

गुरमीत चौधरी ने की बिहार की तारीफ, पुराने दिनों को किया याद
फिल्म प्रमोशन के दौरान गुरमीत चौधरी ने बिहार के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान सिर्फ लिट्टी-चोखा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां बहुत कुछ देखने और समझने के लिए है। उनके मुताबिक, पटना आज बड़े शहरों के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बिहार सरकार की भी सराहना की।
गुरमीत ने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि उनके पिता सेना में थे। जब परिवार गांव जाता था, तो कई बार रात में ट्रेन स्टेशन पर रुकने के दौरान वे सुबह होने का इंतजार करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के मन में सुरक्षा को लेकर डर रहता था और लूटपाट की आशंका के कारण रात में घर जाने से बचते थे।

अभिनेता ने कहा कि अब उन्हें बिहार के माहौल में बदलाव नजर आता है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि फिल्मों में कई बार बिहार को गलत तरीके से दिखाया जाता है। गुरमीत के मुताबिक, उनका बिहार बहुत अच्छा है और राज्य की सकारात्मक तस्वीर भी सामने आनी चाहिए।
पहली बार पटना पहुंचीं ईशा मालवीय, शहर को बताया शानदार
अभिनेत्री ईशा मालवीय पहली बार पटना पहुंचीं। उन्होंने शहर में आकर खुशी जाहिर की और यहां हो रहे विकास की तारीफ की। ईशा ने कहा कि पटना में उन्हें काफी अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर देखने को मिला। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों की सुविधाओं का भी जिक्र किया और बिहार सरकार की सराहना की।

फिल्म को लेकर ईशा ने कहा कि ‘तुम मेरे हो’ उनके लिए बेहद खास प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि फिल्म को बनाने में पूरी टीम ने काफी मेहनत की है। खासकर ऐसे समय में, जब इंडस्ट्री में बिना किसी गॉडफादर के अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक फिल्म की कहानी और किरदारों से जुड़ाव महसूस करेंगे। ईशा ने बिहार के दर्शकों से फिल्म को प्यार देने और सिनेमाघरों में जाकर देखने की अपील भी की।
पटना के बाजारों में फिल्म का प्रमोशन, प्रशंसकों में दिखा उत्साह
पटना पहुंचने के बाद फिल्म की टीम ने स्थानीय लोगों और प्रशंसकों से मुलाकात की। कलाकारों ने शहर के बाजारों में जाकर फिल्म का प्रचार किया। अपने पसंदीदा सितारों को करीब से देखने और उनसे मिलने के लिए प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिला। गुरमीत चौधरी ने कहा कि पटना आना उनके लिए हमेशा खास अनुभव रहा है। बिहार के लोगों से मिलने वाला प्यार उन्हें प्रेरित करता है और राज्य से उनका भावनात्मक जुड़ाव है।
आरती सिंह और देबिना बनर्जी ने बताया खास प्रोजेक्ट
फिल्म की निर्माता आरती सिंह और देबिना बनर्जी ने ‘तुम मेरे हो’ को एक खास प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि निर्देशक आशीष पांडा के साथ इस फिल्म को तैयार करना टीम के लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। निर्माताओं के मुताबिक, फिल्म के प्रमोशन की शुरुआत पटना से करना उनके लिए खास मायने रखता है। बिहार के दर्शकों का सिनेमा के प्रति प्यार और उत्साह फिल्म निर्माताओं को लगातार प्रेरित करता है। टीम को उम्मीद है कि दर्शक फिल्म की कहानी पसंद करेंगे और इसे देखने के लिए सिनेमाघरों तक पहुंचेंगे।

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