पहलगाम हमले से देश गुस्से में, मधुबनी में पीएम मोदी और नीतीश कुमार ने दी श्रद्धांजलि

Patna Desk
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई, जिससे जनभावनाएं आहत हैं। गुरुवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने एक दिवसीय बिहार दौरे पर मधुबनी पहुंचे, तो वहां भी लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा जताते हुए ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।सीएम नीतीश और पीएम मोदी ने साझा की पीड़ासभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में एकजुट है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं और पीड़ितों के साथ हमारी पूरी सहानुभूति है।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभा के दौरान पहलगाम हमले का उल्लेख किया और शोक प्रकट करते हुए मंच से दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई निर्णायक होगी।

ललन सिंह का सख्त संदेश: आतंकियों को मिलेगा जवाब- केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सभा में कहा कि यह हमला आतंकियों की कायरता का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सही समय पर करारा जवाब देंगे और देश को भरोसा है कि वे कोई भी कड़ा फैसला लेने से पीछे नहीं हटेंगे।उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री दृढ़ हैं, उनका यहां बिना विचलित हुए आना ही यह दिखाता है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।”भीषण हमला: कई राज्यों के लोग और विदेशी नागरिक बने निशानामंगलवार को हुए इस आतंकी हमले में आतंकियों ने पर्यटकों की बस को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की।

अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें भारत के कई राज्यों के लोग, एक नेपाली नागरिक और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल हैं। कई घायल अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।जनकल्याण की योजनाएं भी रहीं केंद्र मेंपीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान बिहार के 13 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के घरों की चाबी सौंपी और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देकर उनके सपनों को साकार किया। कार्यक्रम की शुरुआत सादगी से हुई, जिसमें शोक की भावना और संकल्प दोनों स्पष्ट रूप से झलक रहे थे।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article