NEWS PR डेस्क :बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जेडीयू से निष्कासित अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया है। जेडीयू की अनुशंसा पर हुई इस कार्रवाई के बाद उनसे राज्य मंत्री का दर्जा भी छिन गया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अनंत सिंह के खिलाफ भी पार्टी पहले ही सख्त कदम उठा चुकी है। बताया जा रहा है कि हालिया एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने एनडीए समर्थित प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध करते हुए जन सुराज पार्टी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया था।
अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर भी कार्रवाई की अनुशंसा
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश के तहत अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित किया गया है। साथ ही, उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। हालांकि, सदस्यता पर अंतिम फैसला निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा।
अजीत शर्मा बोले- कांग्रेस में स्वागत है
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत शर्मा ने अनंत सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अनंत सिंह कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं, तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सदस्यता देने का अंतिम फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत शीर्ष नेतृत्व करेगा।
अनंत सिंह और नीलम देवी पर हुई कार्रवाई के बाद बिहार में राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजरें अनंत सिंह के अगले कदम और कांग्रेस के रुख पर टिकी हैं।