NEWS PR डेस्क: पूर्णिया, 14 सितंबर 2026: जीडी गोयनका स्कूल, पूर्णिया में सोमवार को भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारी को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक चले इस अभ्यास में पुनित भवन, महामाया भवन और प्रशासनिक ब्लॉक के विद्यार्थियों के साथ शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान सभी ने आपात स्थिति में संयम, अनुशासन और त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास किया।
आपदा से पहले कर्मचारियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग
मॉक ड्रिल से पहले 12 सितंबर को विद्यालय के कर्मचारियों के लिए विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई थी। इसमें भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, निकासी मार्गों, आपातकालीन जिम्मेदारियों, सुरक्षित सभा स्थल और विद्यार्थियों को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
अभ्यास की शुरुआत श्री डेविड द्वारा केंद्रीय उद्घोषणा तंत्र के माध्यम से आपातकालीन सूचना प्रसारित करने के साथ हुई। सूचना मिलते ही विद्यार्थी और कर्मचारी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए भवनों से बाहर निकलने लगे।
निर्धारित मैदान में कक्षा के अनुसार जुटे विद्यार्थी
विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने पहले से तय निकासी मार्गों का इस्तेमाल किया। इसके बाद वे महामाया भवन और प्रशासनिक भवन के बीच स्थित सुरक्षित मैदान में पहुंचे। यहां सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी कक्षाओं के अनुसार अनुशासित पंक्तियों में खड़े हुए।
कक्षा शिक्षकों ने विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज कर संख्या का मिलान किया वहीं, विषय शिक्षकों ने कक्षाओं से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया। कक्षाओं से मुक्त शिक्षकों ने गलियारों, सीढ़ियों और निकास द्वारों पर तैनात रहकर निकासी प्रक्रिया को सुचारु बनाया।

शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और खोज दल ने शौचालयों तथा निर्धारित क्षेत्रों का अंतिम निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई विद्यार्थी या कर्मचारी भवन के अंदर न रह गया हो।
मॉक ड्रिल की गतिविधियों का किया गया दस्तावेजीकरण
इस पूरे अभ्यास की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुश्री अनुष्का एवं श्री शमशेर ने की। विद्यार्थियों ने बताया कि मॉक ड्रिल से उन्हें आपदा के समय घबराने के बजाय शांत रहने, निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की व्यावहारिक जानकारी मिली।
समीक्षा में सामने आए सुधार के बिंदु
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन संचार व्यवस्था, निकासी मार्ग, कर्मचारियों के समन्वय और सभा स्थल की व्यवस्था का आकलन किया गया। समीक्षा में विशेष सहायता की जरूरत वाले विद्यार्थियों के लिए सहायता योजना को और मजबूत करने तथा हर कक्षा की उपस्थिति मिलान के समय कक्षा शिक्षक की अनिवार्य मौजूदगी सुनिश्चित करने की आवश्यकता सामने आई।
प्रशासन ने प्रत्येक कक्षा के लिए वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था, सटीक उपस्थिति मिलान और नियमित आपदा प्रबंधन अभ्यास के बाद समीक्षा बैठक आयोजित करने पर जोर दिया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे अभ्यास बच्चों और कर्मचारियों में सतर्कता, अनुशासन, समन्वय और आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं।