NEWS PR डेस्क: जिलाधिकारी, पटना की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी हितधारकों कोचिंग संचालकों, प्रशासनिक अधिकारियों और अभिभावकों को अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और यह सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में अधिनियम के मुख्य प्रावधानों पर जोर दिया गया। इसके तहत सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है, जो जिला स्तरीय समिति के माध्यम से किया जाता है और हर तीन साल में नवीनीकरण करना होता है।
अधिनियम में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम 1 वर्ग मीटर क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इसके अलावा पर्याप्त बिजली, पेयजल और सुरक्षा सुविधाओं की व्यवस्था अनिवार्य है। शिक्षकों की योग्यता और उनका बायोडाटा प्रशासन को उपलब्ध कराना भी जरूरी है। कोचिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम और शुल्क का विवरण प्रोस्पेक्टस के माध्यम से पारदर्शी रूप से जारी करना होगा।
आपको बता दें कि 2023 में इस अधिनियम को और अधिक सख्त किया गया था। इसके तहत कोचिंग का समय स्कूल की क्लास समय से टकराने पर रोक है। बैठक में अधिकारियों ने सभी को निर्देश दिया कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अवैध और असुरक्षित कोचिंग केंद्रों पर निगरानी रखने और नियमों के पालन को नियमित रूप से मॉनिटर करें।
बैठक में सभी एसपी, एडीएम आपदा प्रबंधन डीपी शाही, एडीएम विधि-व्यवस्था, अपर जिला दंडाधिकारी नगर व्यवस्था संजय कुमार, सभी एसडीओ-एसडीपीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, शिक्षा के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी बीईओ व कोचिंग एसोसिएशन व संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।