मंदिरों की सफाई और दान राशि के प्रबंधन पर पटना हाईकोर्ट सख्त, सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट

Jyoti Sinha
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पटना हाईकोर्ट में बिहार के मंदिरों और उनके परिसरों की साफ-सफाई व रख-रखाव से जुड़ी जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस राजीव रॉय की एकलपीठ के समक्ष हुई।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने अदालत को बताया कि मंदिरों और तालाबों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों पर ₹50 का जुर्माना लगाने का प्रावधान लागू किया जा रहा है।


दान राशि अब बैंक खाते में जमा होगी

सरकार ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि दरभंगा के कुशेश्वरस्थान मंदिर की दान पेटी से प्राप्त राशि की गणना कर उसे बैंक खाते में जमा कराया जा चुका है।
साथ ही यह प्रक्रिया अब नियमित रूप से अपनाई जाएगी, ताकि मंदिरों के वित्तीय संचालन में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।

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कोर्ट ने इस दिशा में की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है और राज्य के धार्मिक स्थलों की व्यवस्था सुधारने में अहम कदम साबित होगी।


साफ-सफाई को लेकर भी कोर्ट का निर्देश

हाईकोर्ट ने दरभंगा के एसडीओ द्वारा कुशेश्वरस्थान मंदिर की सफाई और रख-रखाव के लिए उठाए गए कदमों की विशेष प्रशंसा की।
अदालत ने कहा कि भविष्य में भी मंदिरों और उनके परिसरों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह की पहल जारी रहनी चाहिए।


मामला निपटाया गया

अदालत ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को संतोषजनक और सराहनीय बताते हुए इस मामले को निष्पादित (disposed of) कर दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले को बिहार में धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और वित्तीय पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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