पटना मेट्रो टनल निर्माण तेज, सुरक्षा के मद्देनज़र 20 मीटर के दायरे में निर्माण और बोरिंग पर लगी रोक !

पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया है कि टनल संरचना को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब इस क्षेत्र में कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मेट्रो प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए निगरानी भी शुरू कर दी गई है।

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना,03 मई। पटना में मेट्रो परियोजना के तहत अंडरग्राउंड टनल निर्माण कार्य को रफ्तार दी गई है। कॉरिडोर-2 में राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन तक सुरंग निर्माण जारी है। इस बीच सुरक्षा कारणों से टनल के दोनों ओर 20-20 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण, भवन मरम्मत या बोरिंग कार्य पर रोक लगा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया है कि टनल संरचना को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब इस क्षेत्र में कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मेट्रो प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए निगरानी भी शुरू कर दी गई है।

टनल निर्माण वाले इलाके, जैसे मोइनुल हक स्टेडियम और सैदपुर, घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं, जहां सुरंग जमीन से केवल 16 से 25 मीटर नीचे बनाई जा रही है। ऐसे में गहरे बोरिंग कार्य से टनल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेट्रो के संचालन के दौरान होने वाले कंपन से भी ऊपर या आसपास के निर्माण प्रभावित हो सकते हैं।

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मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने मकान का जीर्णोद्धार या नया निर्माण करना चाहता है, तो पहले मेट्रो इंजीनियरों द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। उनकी अनुमति के बाद ही NOC जारी की जाएगी। इस संबंध में नगर निगम को भी सूचित कर दिया गया है, जबकि सरकारी भवनों से जुड़े मामलों पर निर्णय उच्चस्तरीय समिति लेगी।

इस बीच, टनल निर्माण कार्य को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास रुका हुआ काम दोबारा शुरू कर दिया गया है। मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच करीब 800 मीटर हिस्से में खुदाई जारी है, जबकि कुल लगभग 1800 मीटर लंबी सुरंग तैयार की जानी है।

पहले रेलवे लाइन के पास निर्माण की अनुमति नहीं मिलने के कारण दिसंबर 2025 में काम रोक दिया गया था, लेकिन अब मंजूरी मिलने के बाद मार्च से कार्य दोबारा गति पकड़ चुका है। परियोजना के तहत राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन को सबसे गहरा स्टेशन बनाया जा रहा है, जहां मेट्रो लगभग 21 मीटर नीचे से गुजरेगी। यह स्टेशन सीधे रेलवे टर्मिनल से जुड़ा होगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन और मेट्रो के बीच सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।

वहीं, पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो रेड और ब्लू लाइन को जोड़ेगा। इससे दानापुर से खेमनीचक और न्यू ISBT तक यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी। पटना मेट्रो का यह चरण शहर के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

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