पटना नगर निगम शुरू करेगा जलापूर्ति पाइपलाइन की कलर कोडिंग और जियोफेंसिंग, शिकायतों के समाधान में आएगी तेजी

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 31 जनवरी 2026: शहर की बुनियादी संरचनाओं के बेहतर प्रबंधन की दिशा में पटना नगर निगम (PMC) ने बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम अब जलापूर्ति पाइपलाइन, सड़क और नालों की जियोफेंसिंग के साथ-साथ पाइपलाइन की कलर कोडिंग करेगा, जिससे रखरखाव और मरम्मत कार्य में तेजी आएगी और शिकायतों का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

इस संबंध में शुक्रवार को नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर आयुक्त ने अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि शहर की पाइपलाइन, नाला और सड़क की जियोफेंसिंग का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि उनकी स्थिति की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके।

जलापूर्ति पाइपलाइन की होगी कलर कोडिंग

नगर आयुक्त ने जलापूर्ति पाइपलाइन को आसानी से पहचानने और रखरखाव में सुविधा के लिए कलर कोडिंग योजना को जल्द लागू करने का निर्देश दिया। इसके तहत पाइपलाइन को निम्न रंगों से चिन्हित किया जाएगा—

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ग्रीन: वर्ष 2016 के बाद स्थापित पाइपलाइन

येलो: वर्ष 2016 से पहले स्थापित पाइपलाइन

रेड: निष्क्रिय (डेड) पाइपलाइन

ब्लू: पंप हाउस का संकेत

इस व्यवस्था से फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को पाइपलाइन की स्थिति समझने में आसानी होगी और मरम्मत कार्य तेजी से हो सकेगा।

रोड और नालों की भी होगी जियोफेंसिंग

पटना नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सड़क और नालों की भी जियोफेंसिंग की जा रही है। इस नई व्यवस्था को ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम से इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे शिकायतों का निपटारा और अधिक तेज़ एवं प्रभावी होगा।

इंटीग्रेशन के बाद एक ही शिकायत के बार-बार दर्ज होने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। जियोफेंसिंग की मदद से मुख्यालय स्तर पर ही यह पता चल सकेगा कि किसी विशेष स्थान से किस प्रकार की शिकायत दर्ज की गई है।

शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई

जियोफेंसिंग और कलर कोडिंग व्यवस्था लागू होने के बाद संबंधित कर्मचारी तत्काल शिकायत स्थल पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगे। नगर निगम का मानना है कि इस तकनीकी पहल से न केवल शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी, बल्कि कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

नगर निगम के इस कदम को स्मार्ट सिटी और तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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