NEWS PR डेस्क: अररिया, 30 जून। महिला एवं बाल विकास निगम के तहत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (डीएचईडब्ल्यू), अररिया की ओर से मंगलवार को प्रखंड अररिया के हरिया पंचायत के वार्ड संख्या-08 में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा तथा महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकार की विभिन्न सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बालिकाओं की शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के महत्व पर जोर दिया गया। साथ ही विवाह की वैधानिक आयु और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।

इस अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण, पोषण, कौशल विकास, साइबर सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों को महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं, उनकी पात्रता और मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। इसके अलावा संकट की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता, परामर्श सेवा, चिकित्सा सुविधा, अस्थायी आश्रय और पुलिस सहयोग जैसी सेवाओं से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग की जानकारी देते हुए महिलाओं एवं किशोरियों को स्वरोजगार और कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित ग्रामीणों ने बाल विवाह मुक्त, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
