‘नगर नेत्र’ की निगरानी में पटना, गंदगी फैलाने वालों पर AI का शिकंजा

AI की नजर से साफ-सुथरा पटना—अब गंदगी पर तुरंत एक्शन

Rashmi Tiwari
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राजधानी पटना में साफ-सफाई को लेकर अब बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सड़कों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ नगर प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। अब ट्रैफिक नियमों की तरह ही कचरा फैलाने पर भी चालान काटा जाएगा। इसके लिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने एक हाईटेक “सिविक सर्विसेज सर्विलांस एंड मॉनिटरिंग प्रोजेक्ट” शुरू करने की योजना बनाई है।
19 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर वाहनों को तैनात किया जाएगा
इस प्रोजेक्ट के तहत 19 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर वाहनों को तैनात किया जाएगा, जिन्हें “नगर नेत्र” नाम दिया गया है। ये वाहन AI तकनीक से लैस 4K डैशकैम के साथ शहर के सभी 75 वार्डों में निगरानी करेंगे। कैमरे 110 डिग्री वाइड एंगल पर रिकॉर्डिंग करेंगे और कचरा फैलाने वालों की पहचान कर सकेंगे।
सड़क की अन्य समस्याओं की भी पहचान
ये स्मार्ट गाड़ियां सिर्फ कचरे तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि खुले मैनहोल, खराब स्ट्रीट लाइट, अवैध कब्जे और सड़क की अन्य समस्याओं की भी पहचान कर तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगी। GPS सिस्टम के जरिए हर समस्या की सटीक लोकेशन भी दर्ज की जाएगी, जिससे कार्रवाई में तेजी आएगी।
निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में “सेंट्रल सिविक सर्विसेज ऑपरेशंस सेंटर” (C-SOC) बनाया जाएगा। यहां AI आधारित इंजन डेटा का विश्लेषण करेगा और एक मीटर से बड़े कचरे के ढेर या 10 इंच से बड़े गड्ढों की स्वतः पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेगा। इतना ही नहीं, अवैध होर्डिंग मिलने पर संभावित चालान की राशि का आकलन भी सिस्टम खुद करेगा।
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना
डैशकैम से डेटा ट्रांसफर के लिए 5G सिम और वाई-फाई तकनीक का इस्तेमाल होगा। परियोजना के दूसरे चरण में इसे ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के कचरा वाहनों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि निगरानी और अधिक प्रभावी हो सके।करीब 8.95 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इसके संचालन के लिए 27 सदस्यीय टीम तैनात होगी, जिसमें प्रोजेक्ट डायरेक्टर, सिटी कोऑर्डिनेटर और ड्राइवर शामिल होंगे। इस योजना को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में यह स्मार्ट सिस्टम टूटे डिवाइडर, फीकी पड़ चुकी रोड मार्किंग और खराब पेवर ब्लॉक्स की पहचान भी करेगा, जिससे शहर की व्यवस्था और अधिक सुचारू हो सके।

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