NEWS PR डेस्क: पटना, 01 जून। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में प्रत्येक माह की 10 तारीख तक राशि भेजने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को यह निर्देश दिया। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, आंगनबाड़ी सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
आंगनबाड़ी सेवाओं की होगी तकनीकी निगरानी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली सेवाओं की तकनीक के माध्यम से गहन निगरानी की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सेविका-सहायिकाओं की उपस्थिति और लक्षित बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “आंगनबाड़ी केंद्र जितना मजबूत और बेहतर होगा, बच्चों का विकास भी उतना ही बेहतर होगा।” उन्होंने राज्य में पोषण और बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
स्टंटिंग और वेस्टिंग कम करना सरकार की प्राथमिकता
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में बच्चों में स्टंटिंग और वेस्टिंग के आंकड़ों में सुधार लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के जरिए इस दिशा में तेजी से काम किया जाए।
सामाजिक कल्याण योजनाओं के दायरे को बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने परवरिश योजना समेत अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के दायरे का विस्तार करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता मिल सके। साथ ही उन्होंने योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली राशि और लाभों की पुनः समीक्षा करने को भी कहा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने और योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

CSR के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने की पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
पारदर्शिता और समयबद्ध निगरानी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और समयबद्ध निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जनकल्याण के कार्य संवेदनशीलता के साथ किए जाने चाहिए, क्योंकि इससे सीधे लोगों के जीवन में बदलाव आता है।
बैठक में समाज कल्याण मंत्री रेणु गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एन. सरवनन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।