बिहार में रोजगार और उद्योग को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार अगले कुछ वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। सरकार का फोकस स्थानीय स्तर पर कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ युवाओं के पलायन को कम करना है।
पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के चयनित लाभुकों के उन्मुखीकरण और प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार में रोजगार का नया माहौल तैयार किया जाएगा।
बिहार में बने उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘पर्चेस प्रेफरेंस एक्ट’ बनाया है। इसके तहत सरकारी खरीद में बिहार में निर्मित उत्पादों को 25 से 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि 50 करोड़ रुपये तक की सरकारी योजनाओं के टेंडर में अगर कोई बिहारी उद्यमी L2, L3 या L4 पर है और L1 की दर पर काम करने को तैयार है, तो उसे काम देने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को सरकारी काम में अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
7,136 लाभुकों को मिली पहली किस्त
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के 7,136 चयनित लाभुकों के बीच करीब 150 करोड़ रुपये वितरित किए गए। प्रत्येक लाभुक को पहली किस्त के रूप में दो लाख रुपये मिले।
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 45 हजार नए उद्यमियों को तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। योजना के तहत चयनित उद्यमी को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है, जिसमें पांच लाख रुपये अनुदान और पांच लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण शामिल है।
रोजगार के जरिए पलायन रोकने पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि करीब 44 हजार उद्यमी औसतन पांच लोगों को रोजगार देते हैं तो लगभग ढाई लाख लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिहार के युवाओं को राज्य में ही रोजगार और कारोबार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने अगले एक साल में सभी कृषि फीडरों को सोलरयुक्त करने का लक्ष्य भी बताया। सरकार का कहना है कि उद्योग, स्थानीय उत्पादन और उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
बिहार में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने का प्लान, 1 करोड़ परिवारों को जोड़ने की तैयारी